
मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी के बीच जमीनी व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के बाद खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी खरीद व्यवस्था की दुरुस्ती देखने मैदान पर उतर गए. मंत्री ने रायसेन जिले के सेहतगंज खरीद केंद्र पर अचानक पहुंचकर सिस्टम की हकीकत परखी. निरीक्षण के दौरान मिली ढिलाई पर मौके पर ही कर्मचारियों को फटकार लगाई और साफ कहा कि खरीदी में अव्यवस्था और कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दरअसल, सागर जाते समय मंत्री राजपूत ने बिना सूचना दिए रायसेन के सेहतगंज खरीद केंद्र का रुख किया. यहां उन्होंने सीधे तुलाई प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी और गेहूं से भरे बोरे और बारदाने का वजन खुद मौके पर कराया गया. जांच के दौरान कुछ स्तर पर सुस्ती नजर आने पर सर्वे कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी. मंत्री ने दो टूक कहा कि किसानों के काम में लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होना तय है.
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने लाइन में खड़े किसानों से सीधे बातचीत की. रंगपुर के किसान किशन गोपी और कैलाश यादव ने बताया कि उनकी फसल की तुलाई समय पर हो रही है और उन्हें किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है. रतनपुर के वेयरहाउस में भी किसानों ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया. हालांकि, मंत्री ने अधिकारियों को साफ कर दिया कि किसी भी स्तर पर कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
निरीक्षण के बाद मंत्री ने खरीदी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से बात की और उन्हें ऑटो कनेक्टिविटी मजबूत करने, तुलाई में पारदर्शिता रखने और किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया समयबद्ध होनी चाहिए और किसानों को केंद्रों पर भटकना न पड़े. सरकार की मंशा साफ है कि इस बार खरीदी बिना विवाद और बिना देरी के पूरी हो.
राज्य में इस सीजन खरीदी तेज गति से आगे बढ़ रही है. अब तक 8.57 लाख किसानों से 48.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है. वहीं, 14.79 लाख किसान स्लॉट बुक करा चुके हैं. बढ़ती भीड़ को देखते हुए तौल पर्ची का समय रात 10 बजे तक और भुगतान प्रक्रिया का समय रात 12 बजे तक बढ़ाया गया है. वहीं, खरीदी सप्ताह में छह दिन जारी है.
मालूम हो कि सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 23 मई 2026 तक बढ़ा दी है. उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है और जरूरत के हिसाब से जिलों को इसे और बढ़ाने की छूट दी गई है. साथ ही सर्वर क्षमता बढ़ाकर स्लॉट बुकिंग और डेटा प्रोसेसिंग को भी तेज किया गया है.
मंत्री ने बताया कि अब तक किसानों को 8879.42 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिसमें समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी शामिल है. केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की सुविधा और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं.