तेलंगाना में धान खरीद केंद्रों पर दो किसानों की मौत, मंडी में इंतजार करते चली गई जान

तेलंगाना में धान खरीद केंद्रों पर दो किसानों की मौत, मंडी में इंतजार करते चली गई जान

तेलंगाना के महबूबाबाद और रंगारेड्डी जिलों में धान खरीद केंद्रों पर इंतजार कर रहे दो किसानों की मौत हो गई. एक किसान की जान बिजली गिरने से गई, जबकि दूसरे की मौत लू लगने से होने की आशंका है. वहीं नलगोंडा समेत कई जिलों में ओलावृष्टि और बारिश से हजारों क्विंटल धान भीग गया, जिससे खरीद में देरी को लेकर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

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क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • May 04, 2026,
  • Updated May 04, 2026, 2:22 PM IST

तेलंगाना में रविवार को महबूबाबाद और रंगारेड्डी जिलों में अलग-अलग धान खरीद केंद्रों पर दो किसानों की मौत हो गई. एक किसान की मौत बिजली गिरने से हुई, जबकि दूसरे की मौत लू लगने से होने का अनुमान है. महबूबाबाद के सुदानापल्ली गांव में, 40 वर्षीय किसान नीलम वेंकन्ना शाम को बिजली गिरने के बाद धान खरीद केंद्र में ही गिर पड़े.

वेंकन्ना जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थे. उन्होंने कड़ी मेहनत करके डेढ़ एकड़ जमीन पर धान उगाया था और उसे खरीद केंद्र तक पहुंचाया था. रिपोर्टों के अनुसार, खरीद में देरी होने के कारण वे केंद्र पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. अचानक तेज बारिश होने लगी, तो वेंकन्ना ने दूसरे किसानों के साथ मिलकर खरीद केंद्र पर रखे धान के ढेर को तिरपाल से ढकने की कोशिश की.

इस बीच बिजली गिरने के बाद वे जमीन पर गिर पड़े. उन्हें तुरंत एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

धान खरीद के इंतजार में गई जान

इसी तरह की एक अन्य घटना में, रंगारेड्डी जिले की इब्राहिमपटनम विधानसभा सीट के रायपोल IKP केंद्र पर, एक बटाईदार किसान एम. गौराइया और उनकी पत्नी वेंकटम्मा पिछले चार दिनों से अपने धान की खरीद का इंतजार कर रहे थे.

अधिकारियों ने जब धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने की बात कही, तो गौराइया और उनकी पत्नी IKP केंद्र पर ही धान सुखाने लगे. वे सुबह खरीद केंद्र पर आते, धान सुखाते और शाम को घर लौट जाते थे. लेकिन रविवार शाम को गौराइया अचानक केंद्र में रखे धान के ढेर पर ही गिर पड़े. स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि उनकी मौत लू लगने से हुई होगी.

खराब मौसम से धान खराब

रविवार को ही नलगोंडा जिले के कई हिस्सों में अचानक और जोरदार ओलावृष्टि हुई, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मची और खरीद केंद्रों पर जमा हजारों क्विंटल धान भीग गया. इस अचानक हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों को निराशा में बदल दिया, क्योंकि हफ्तों से खरीद का इंतजार कर रहे अनाज के ढेर बारिश के पानी में भीग गए.

नलगोंडा, नकरेकल, केटेपल्ली, नागार्जुन सागर, चंदूर, मुनगाला, हुजूरनगर, तुंगातुर्थी, अलेयर और राजपेट मंडलों में इसका सबसे ज्यादा असर देखा गया, जहां IKP केंद्र और बाजार यार्ड इस तूफान की तीव्रता के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे.

नकरेकल बाजार यार्ड में हालात खास तौर पर बहुत खराब थे. एन. वीरैया, एक स्थानीय किसान जो तीन दिन पहले अपनी उपज यार्ड में लाए थे, ने बताया कि उनका लगभग 20 क्विंटल धान पूरी तरह से भीग गया. उन्होंने खरीद में हो रही देरी को इसका जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनका अनाज खुले में पड़ा रहा. जब तूफान आया, तो तेज हवाओं ने तिरपाल के कवर उड़ा दिए, जिससे फसल बारिश के सामने पूरी तरह से बेसहारा रह गई.

सिद्दीपेट जिले के हुस्नाबाद स्थित एक खरीद केंद्र पर, अचानक हुई तेज बारिश के कारण धान और मक्के के ढेर भीग गए. किसानों ने आरोप लगाया है कि पिछले पखवाड़े भर से वे खरीद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी अलग-अलग बहाने बनाकर खरीद में देरी कर रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से, अलग-अलग जिलों के किसान खरीद प्रक्रिया में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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