भैंसा हो या सांड, ब्रीडर बने रहने की सबकी एक उम्र होती है. और तय मानकों के मुताबिक अगर उस उम्र के बाद भी बुल ब्रीडर बना हुआ है तो तय मान लें की उसके सीमन की क्वालिटी खराब ही होगी. यही वजह है कि एक खास उम्र के बाद ब्रीडर के तौर पर इस्तेमाल होने वाले बुल को रिटायर्ड कर दिया जाता है. यानि की उसका सीमन ब्रीडिंग के लिए नहीं लिया जाता है. और ऐसे बुल को फिर खेती और खेती से जुड़े ट्रांसपोर्टेशन के काम में लगा दिया जाता है.
कुछ लोग ऐसे बुल को बूढ़ा मानकर जो मौजूद हुआ बस वही खिला दिया को बहुत मान लेते हैं. लेकिन एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे बुल को भी एक खास खुराक चाहिए होती है. अगर आपन मानकों के मुताबिक वो खुराक खाने में दी तो बुल भी ट्रैक्टर जैसा ही काम करेगा.
खेत के बैल को कैसी खुराक दी जानी चाहिए
- सीआईआरबी के मुताबिक दिन में चार घंटे काम करने वाले बुल के लिए इसे हल्का काम कहा जाता है. इसके लिए खासतौर पर खुराक का चार्ट बनाया गया है. लेकिन बुल का वजन 550 किलो होना चाहिए.
- चार किलो केंद्रित मिश्रण (Concentrated mixtures) के साथ सात किलो भूसा दिया जाना चाहिए.
- 1.5 किलोग्राम केंद्रित मिश्रण के साथ 35 किलो अनाज का चारा भी खिलाया जा सकता है.
- 20 किलो बरसीम के साथ आठ किलो भूसा, आधा किलो बिना तेल वाली सोयाबीन की खल दे सकते हैं.
- दो किलो मिनरल मिक्चार, 10 किलो बरसीम, आठ किलो भूसा, 400 ग्राम खल दे सकते हैं.
- अगर बुल का वजन 550 किलो है तो हर 50 किलो वजन की बढ़ोतरी होने पर 650 ग्राम भूसा, 180 ग्राम मूंगफली या सोयाबीन की तेल रहित खल दे सकते हैं.
- चार किलो बरसीम या 2.5 किलो अनाज का चारा, 100 ग्राम तेल रहित मूंगफली या सोयाबीन की खल भी दी जा सकती है.
भारी काम काम करने वाले बैल को खाने में क्या दें
- अगर कोई बुल दिनभर में आठ घंटे काम करता है तो उसे भारी काम करने की कैटेगिरी में रखा जाता है.
- अगर ऐसे बुल का वजन 550 किलो है तो उसे इस प्रकार से खुराक दी जाएगी.
- पांच किलो केंद्रित मिश्रण के साथ आठ किलो भूसा दे सकते हैं.
- तीन किलो केंद्रित मिश्रण के साथ 40 किलो अनाज का चारा दे सकते हैं.
- 40 किलो बरसीम के साथ सात किलो भूसा भी खिला सकते हैं.
- तीन किलो सांद्र मिश्रण, 14 किलो बरसीम और किलो भूसा भी खिलाया जा सकता है.
- अगर बुल का वजन 550 किलो है तो हर 50 किलो वजन की बढ़ोतरी होने पर एक किलो भूसा, 180 ग्राम तेल रहित मूंगफली या सोयाबीन की खल दी जा सकती है. चार किलो बरसीम और 350 ग्राम भूसा दे सकते हैं. चार किलो अनाज का चारा, 50 ग्राम तेल रहित मूंगफली या सोयाबीन की खल भी खिलाई जा सकती है.
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