
बढ़ता तापमान और गर्म हवाओं के थपेड़े, आने वाले वक्त में इस तरह का मौसम पशुओं के लिए जानलेवा हो जाता है. इसके चलते जहां पशुओं की जान पर बन आती है, वहीं पशुओं का उत्पादन और उनकी ग्रोथ भी कम हो जाती है. गौर करने वाली बात ये है कि पशुओं की गंभीर बीमारियां भी इसी मौसम के दौरान सबसे ज्यादा अटैक करती हैं. और इन्हीं सब के चलते पशु तनाव में आ जाते हैं और उनका उत्पादन घट जाता है. हीट स्ट्रैस भी उत्पादन घटने की बड़ी वजह होती है.
यही वजह है कि एनिमल एक्सपर्ट खासतौर पर बदलते मौसम के साथ ही पशुओं के शेड में गर्मियों से जुड़ी तैयारियां करने की सलाह देते हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि बदलते मौसम के हिसाब से पशुओं के शेड में बदलाव करना चाहिए. पीने के पानी और चारे में भी मौसम के हिसाब से बदलाव किया जाता है. इतना ही नहीं पशु को शेड से कब बाहर ले जाना है या फिर कब से कब तक शेड में ही रखना इसका पालन भी एक्सपर्ट की सलाह के मुताबिक ही किया जाना चाहिए.
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