पशुपालन विभाग की शुक्रवार को पंत कृषि भवन में समीक्षा बैठक रखी गई. बैठक में कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने पशुपालन विभाग की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि अधिकारी पशुपालकों के हित को प्राथमिकता देते हुए लंबित मामलों का जल्दी से जल्दी निपटारा करें. साथ ही पिछले बजट में की गई घोषणाओं को भी लागू करें ताकि किसान और पशुपालक लाभांवित हो सकें. कटारिया ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण योगदान है. उन्होंने बैठक में विभाग के अधिकारीयों को निर्देशित किया कि वे आगामी बजट सत्र के लिए आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी कर विधानसभावार आवश्यक सूचनाएं इकठ्ठा करें.
मंत्री ने शासन सचिव कृष्ण कुणाल को आवश्यक निर्देश दिए. कटारिया ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शहरी और ग्रामीण पशुपालकों को योजनाओं के लाभ देने एवं पशुओं में होने वाले रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक करने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाएं.
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मंत्री कटारिया ने बैठक में विभाग के अधिकारीयों को निर्देशित किया कि वे 15 दिन के अंदर विभाग के सभी स्तर पर डीपीसी करवाएं और पदोन्नति की कार्यवाही शुरू करें. इस मौके पर अन्य जिलों से आए पशुपालन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे जिलों की गौशालाओं में निश्चित अंतराल में पशु चिकित्सा शिविर लगाते रहें ताकि मौसमी बीमारियों से पशुओं को बचाया जा सके. साथ ही विभाग के अतिरिक्त निदेशक एवं संयुक्त निदेशकों को मंत्री ने निर्देशित करते हुए कहा कि वे राज्य में पशुओं के नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान पर जोर दें.
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क्योंकि पशुपालकों का भी इस ओर खासा रुझान है. इससे प्रदेश में न केवल उच्च नस्लीय पशु बढ़ेंगे बल्कि दूध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी. कटारिया ने अधिकारिये से कहा कि ग्रामीण स्तर पर विभाग की योजनाओं को पशुपालकों तक पहुंचाने के लिए बेरोजगार शिक्षित युवाओं को शामिल कर रोजगार सृजन में विभाग की भूमिका तय की जानी चाहिए.
समीक्षा बैठक में पशु पालन विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने मकर संक्रांति उड़ने वाली पतंगों के धागों में उलझ कर घायल होने वाले पक्षियों के लिए जयपुर शहर में जगह-जगह चिकित्सा शिविर लगाने के आदेश दिए. इसके अलावा उन्होंने विभिन्न ज़िलों के संयुक्त निदेशक एवं अतिरिक्त निदेशकों से विभागीय कार्यवाही में आ रही समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली.
उन्होंने कहा कि तय समय सीमा में अधिकारी लंबित मामलों को निपटाएं. उन्होंने कहा की बैठक में पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आनंद सेजरा ने पीपीटी के माध्यम से विभाग की प्रगति की रिपोर्ट पेश कर विभागीय कार्यवाही की विस्तृत जानकरी दी.
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