बरसात के दौरान होने वाले संक्रमण का सीधा असर पशुओं के उत्पादन और प्रजनन पर पड़ता है. दूध-मीट का उत्पादन कम हो जाता है. पशु छोटा हो या बड़ा उसकी सेहत भी खराब होने लगती है. और बरसात के दौरान ये सब होता है पशुओं के चारे और पीने के पानी में बरती गई लापरवाही के चलते. इसी सब की वजह से पशुओं को पेट के कीड़ों की परेशानी होने लगती है. क्योंकि बरसात में पशुओं का हरा चारा और पीने का पानी दूषित हो जाता है. पशु इसकी चपेट में आने लगते हैं. पशुओं के पेट में कीड़े होने का असर दूध-मीट के उत्पादन समेत पशुओं के प्रजनन पर दिखाई देने लगता है.
एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो गाय-भैंस, भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े होना आम बात है. हरा चारा खिलाने और पीने पिलाने में अगर जरा सी भी लापरवाही हो जाए तो ये परेशानी खड़ी हो जाती है. इसलिए इससे बचने का उपाय ये ही है कि बरसात के दौरान पशुओं को देखभाल को लेकर ज्यादा अलर्ट हो जाएं.
पशु के पेट में कीड़ों का पता लगाना
- एनिमल एक्सपर्ट डॉ. बीएल वर्मा पशुओं के पेट में कीड़ों से जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं.
- जब गाय-भैंस के पेट में कीड़े होते हैं तो उन्हें खुलकर भूख लगती है.
- ऐसे में गाय-भैंस ही नहीं भेड़-बकरी भी सामान्य खुराक से ज्यादा चारा खाते हैं.
- वो जितना भी चारा खाते हैं तो उसका एक बड़ा हिस्सा पेट के कीड़े खा जाते हैं.
- खूब खाने के बाद भी पशु का दूध उत्पादन घट जाता है.
- पेट में कीड़े होने पर पशु सुस्त अनबना सा रहने लगता है.
- पेट के कीड़ों की बीमारी के चलते कभी-कभी पशु की मौत भी हो जाती है.
पेट में कीड़े होने पर करें ये काम
- जैसे ही ऊपर बताए लक्षण पशु में दिखें तो उसे तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएं.
- बरसात शुरू होने से पहले ही पशुओं को पेट के कीड़ों की दवा खिलवा दें.
- सभी पशु स्वास्य्य केन्द्रों में ये दवाई फ्री खिलाई जाती है.
- पशुओं के हरे चारे में ही बहुत सारी बीमारियों का इलाज है.
- बरसात के मौसम में नीम, अमरुद, जामुन की पत्तियां पशुओं को खिलाएं.
- पेट के कीड़े के मामले में पेड़ों के ये पत्ते बहुत ही अच्छी दवा मानें जाते हैं.
- यह वो पेड़-पौधे हैं जिसमे दवाईयों के गुण भी हैं.
ये भी पढ़ें-
Milk Adulteration: दूध में पानी मिलाया है या पूरा दूध ही सिंथेटिक है, खुद से ऐसे करें जांच
Goat Farming: तेजी से बढ़ रही है बकरी पालन करने वालों की संख्या, ये हैं वो 20 वजह