
पशुपालन शुरू करने का बुनियादी नियम है कि नस्ल ऐसी हो जो भरपूर दूध देती हो. या किसी भी नस्ल का पशु है लेकिन दूध खूब देता है. अगर बच्चा खरीद रहे हैं तो उसकी मां और बहनों का रिकॉर्ड देख लें कि वो कितना दूध दे रहे हैं. कम संख्या के साथ पशुपालन किया जाए या फिर दूध की डेयरी शुरू की जाए, लेकिन सबसे पहले जरूरी ये है कि आप दुधारू नस्ल के पशुओं को ही खरीदें. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशु अगर प्योर नस्ल का होगा तो वो ज्यादा दूध देने के साथ ही बीमार भी कम पड़ेगा.
इसलिए जब भी पशु हॉट में या सीधे डेयरी फार्म पर पशु खरीदने जाएं तो सबसे पहले गाय-भैंस की नस्ल की जांच जरूर करें. पशु की खूब जांच-परख करें. एक-दो नहीं तीन-चार दिन फार्म पर रुककर ही पशु की निगरानी करें. पशु खरीद के मामले में एक्सपर्ट का कहना है कि जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो तो बाहर से पशु ना खरीदें. अगर आप पहले से एक डेयरी फार्म चला रहे हैं तो अपने पशुओं से ही पशुओं की संख्या बढ़ाने की कोशिश करें.
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