
तालाब में पलने वाली मछलियों की ग्रोथ तेजी से हो. मछलियां वजनदार हो जाएं. मछलियों की हैल्थ अच्छी बने. ये वो तीन चीजें हैं जिन्हें लेकर हर एक छोटा-बड़ा मछली पालक उत्सुक रहता है. इस कड़ी में एक और चीज जुड़ जाती है, और वो है कि मछलियों को तालाब से निकालकर जब बाजार भेजा जाए तो वो फ्रेश बनी रहें. लेकिन इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि मछलियों की हैल्थ के साथ-साथ तालाब का पानी भी हेल्दी और साफ-स्वच्छ रहे. अक्सर तालाब का पानी हरा होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं. मछलियों के तालाब के पानी का हरा होना कोई सामान्य बात नहीं है. इसे लेकर बहुत अलर्ट रहने की जरूरत है.
फिशरीज एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जैसे तालाब के पानी का रंग हरा होने लगे तो फौरन चूने और गोबर का इस्तेमाल रोक देना चाहिए. साथ ही मछलियों के तालाब को हेल्दी बनाए रखने के लिए जरूरी है कि तालाब में से जलीय खर-पतवार को बाहर निकाल दिया जाए. खर-पतवार निकालने के लिए मजदूरों की मदद ली जा सकती है. जाल से भी इसको निकाला जा सकता है. रासायनिक दवा का छिड़काव करके भी खरपतवार को साफ किया जा सकता है.
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