Water for Animal: ये 10 काम किए तो गर्मी में पशुओं में नहीं होगी पानी की कमी, पढ़ें डिटेल 

Water for Animal: ये 10 काम किए तो गर्मी में पशुओं में नहीं होगी पानी की कमी, पढ़ें डिटेल 

Water for Animal गर्मी के मौसम में पशुओं के लिए साफ और ताजा पानी पीना क्यों जरूरी है, पानी ना पीने पर किस तरह की परेशानी हो सकती है, उसके लक्षण क्या हैं और परेशानी होने पर किस तरह के नुकसान उठाने पड़ सकते हैं. वहीं ऐसा क्या किया जाए कि पशुओं के शरीर में पानी की कमी न हो, इस सबकी जानकारी यहां दी जा रही है. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • May 02, 2026,
  • Updated May 02, 2026, 9:00 AM IST

गाय-भैंस पालन में पानी का बड़ा ही अहम रोल है. पशुओं को प्यास लगे तो पानी चाहिए और अगर दूध दे रहे हैं तो पानी और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो दूध में 85 फीसद मात्रा पानी की होती है. इसलिए भी गाय-भैंस को हर मौसम में पानी की ज्यादा जरूरत रहती है. और अगर मौजूदा मौसम की बात करें तो ऐसे में कोशि‍श यही होनी चाहिए कि पशुओं के शरीर में पानी की कमी न हो. क्योंकि पानी की कमी के चलते पशु डिहाइड्रेशन समेत हीट स्ट्रैस की चपेट में आ जाता है. जिसके चलते उत्पादन भी घट जाता है. 

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अगर गर्मियों के दौरान पशुओं की खुराक में हरे चारे की मात्रा भरपूर रखी जाए तो एक किलो हरे चारे से तीन से चार लीटर तक पानी की कमी पूरी हो जाती है. वहीं दूसरी ओर पशुपालकों ने एक्सपर्ट के बताय ये 10 टिप्स का पालन किया तो फिर गर्मियों के दौरान पशुओं के शरीर में पानी की कमी नहीं होगी. 

गर्मियों में जरूर करें ये 10 काम

  • पशुओं को बार-बार पानी पिलाते रहें. 
  • जहां तक संभव हो पशुओं को ताजा और ठंडा पानी ही पिलाएं.
  • पशुओं के शरीर पर भी दिन में कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव करें. 
  • पशुओं को सूखी तूड़ी 30 और हरा चारा 70 फीसद तक खिलाएं. 
  • ताजा तूड़ी खिलाने से पहले उसे भिगो लें. शाम को भिगोकर रखी गई तूड़ी सुबह खिलाएं. 
  • पशु के सामने हमेशा नमक की ढेली रखें, इसे चाटने से प्यास लगती है. 
  • पशुओं को सुबह-शाम नहलाएं जरूरी. 
  • जहां पशु बांधे जाते हैं वहां भी पानी का छिड़काव करें. 
  • पशुओं को छायादार जगह पर बांधना चाहिए. 
  • पानी की कमी होने पर पशु को नमक-चीनी का घोल पिलाएं.   

ऐसे पहचानें पशुओं में पानी की कमी को 

जब पशुओं में पानी की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण से इसे पहचाना जा सकता है. जैसे पशुओं को भूख नहीं लगती है. सुस्ती और कमजोर हो जाना. पेशाव गाढ़ा होना, वजन कम होना, आंखें सूख जाती हैं, चमड़ी सूखी और खुरदरी हो जाती है और पशुओं का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है. और सबसे बड़ी पहचान ये है कि जब हम पशु की चमढ़ी को उंगलियों से पकड़कर ऊपर उठाते हैं तो वो थोड़ी देर से अपनी जगह पर वापस आती है. 

कम पानी पिलाने के ये हैं नुकसान 

पानी की कमी होने पर पशुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. जैसे चारा खाने और उसे पचाने की क्षमता कम हो जाती है. शरीर के जरूरी पोषक तत्वा मल-मूत्र के जरिए बाहर निकलने लगते हैं. पशुओं की दूध उत्पादन और प्रजनन क्षमता पर असर पड़ने लगता है. खून गाढ़ा होने लगता है. बछड़े और बछड़ियों को पेचिस लग जाती है. बड़े पशुओं को दस्त लग जाते हैं.

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