
कुछ पशुपालकों के लिए मीठा सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) ऐसे हो गया है मानों कि हर बीमारी का इलाज सिर्फ मीठा सोडा ही है. जबकि ऐसा सोचना और मानना गलत है. ये बात सही है कि मीठा सोडा कुछ परेशानियों में पशुओं को राहत देता है, लेकिन हर बात में बिना सलाह के मीठा सोडा नुकसानदायक भी साबित हो सकता है. खासतौर पर जब पशु गाभिन यानि बच्चा देने वाला हो या फिर किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त हो. अगर ऐसे में पशुओं को खाने में मीठा सोडा दिया तो उनकी जान भी जोखिम में पड़ सकती है.
क्योंकि इंसान हों या पशु सभी के शरीर में सोडियम की मात्रा तय है. कम और ज्यादा होने पर नुकसान हो सकता है. जबकि पशुपालक बिना सोचे-समझे पशु दूध कम दे रहा है, पशु चारा कम खा रहा है. दूध में फैट अच्छी नहीं आ रही है. दूध का एसएनएफ गिर रहा है. पशु का हाजमा खराब हो गया है या फिर पशु का पेट फूल रहा है तो फौरन ही मीठा सोडा खिला देते हैं.
लगातार मीठा सोडा न खिलाएं, जब पशु को ज्यादा दाना खिलाया जा रहा हो या पाचन की परेशानी हो.
पशुओं को साधारण नमक खिला रहे हैं तो सोडे की मात्रा का ध्यान रखें, जिससे शरीर में सोडियम का संतुलन न बिगड़े.
पशु गाभिन है या कोई दूसरी गंभीर बीमारी है तो डॉक्टरी सलाह पर ही मीठा सोडा खिलाएं.
जब पशु की खुराक में शामिल दाना अचानक बदला जा रहा हो.
जब पशुओं की खुराक में अनाज, खली ज्यादा और हरा चारा कम हो.
अगर पशु जुगाली कम कर रहा है तो उसे मीठा सोडा दे सकते हैं.
एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक मीठा सोडा खिलाने की का वक्त और उसकी मात्रा हमेशा पशु की स्थिति और उसकी डाइट के हिसाब से तय की जाती है.
सामान्य हालात में 30 से 50 ग्राम रोजाना दाना मिश्रण में मिलाकर खिलाया जा सकता है.
एक्सपर्ट की सलाह पर ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को 50 से 100 ग्राम तक दे सकते हैं.
अफारा या गैस होने पर 100 ग्राम मीठा सोडा तेल या पानी के साथ घोल बनाकर दे सकते हैं.
जब गाय-भैंस या भेड़-बकरी ज्यादा दाना या अनाज खा लेते हैं तो एसिडिटी बढ़ जाती है. मीठा सोडा इस एसिडिटी को कम करके पेट का pH लेवल संतुलित रखता है.
पशु का पाचन सही रहता है तो उसके दूध में फैट भी अच्छी मात्रा में बनता है.
पशु की खुराक कम हो रही है या जुगाली कम कर रहा है, तो मीठा सोडा देने से उसकी भूख और खाने की क्षमता बढ़ती है.
पेट में गैस बनने या पेट फूलने जिसे अफरा भी कहा जाता है की परेशानी मीठा सोडा देने से ठीक हो जाती है.
एसिडिटी की वजह से पशु को दस्त हो गए हैं, गोबर पतला कर रहा है, तो मीठा सोडा दे सकते हैं.
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