पशुओं की सुरक्षा के लिए गुजरात सरकार का बड़ा कदम, राज्यभर में FMD वैक्सीनेशन शुरू

पशुओं की सुरक्षा के लिए गुजरात सरकार का बड़ा कदम, राज्यभर में FMD वैक्सीनेशन शुरू

गुजरात सरकार ने राज्य के पशुपालकों के लिए एक अहम कदम उठाया है. जिससे किसान काफी और पशुपालक काफी खुश हैं. दरअसल, राज्य सरकार पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए राज्यभर में टीकाकरण अभियान शुरू किया है.

पशुओं की सुरक्षापशुओं की सुरक्षा
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 16, 2026,
  • Updated Mar 16, 2026, 3:39 PM IST

गुजरात सरकार ने पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा और किसानों को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए एक बेहतर अभियान चला रही है. दरअसल, सरकार ने पशुओं को खतरनाक बीमारी फुट एंड माउथ डिजीज (FMD), जिसे खुरपका-मुंहपका रोग भी कहा जाता है, इससे बचाने के लिए राज्यभर में टीकाकरण अभियान शुरू किया है. यह अभियान 1 मार्च से शुरू होकर 15 अप्रैल तक चलेगा. वहीं, इस अभियान को राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NADCP) के तहत चलाया जा रहा है.

जानिए क्या है फुट एंड माउथ डिजीज? 

खुरपका-मुंहपका रोग  एक बहुत तेजी से फैलने वाली वायरल बीमारी है. यह गाय, भैंस, भेड़ और बकरी जैसे खुर वाले जानवरों को प्रभावित करती है. इस बीमारी में पशुओं को बुखार आता है, मुंह में छाले हो जाते हैं और ज्यादा लार निकलने लगती है. इससे दूध उत्पादन भी काफी कम हो जाता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है.

पशुओं की पहचान और रिकॉर्ड ऑनलाइन

इस टीकाकरण अभियान के दौरान पशुओं के कान में टैग लगाकर उनकी पहचान की जा रही है. इसके बाद उनकी जानकारी INAPH (पशु उत्पादकता और स्वास्थ्य सूचना नेटवर्क) पोर्टल पर अपलोड की जा रही है. इस डिजिटल सिस्टम की मदद से अधिकारी यह देख सकते हैं कि कितने पशुओं का टीकाकरण हुआ है और उनके स्वास्थ्य की स्थिति क्या है.

साल में दो बार होता है टीकाकरण

लोदरा के पशु चिकित्सा अधिकारी भाविन कुमार के अनुसार, इस बीमारी को रोकने के लिए साल में दो बार टीकाकरण किया जाता है. एक बार मार्च में और दूसरी बार सितंबर में, उन्होंने बताया कि समय पर टीकाकरण कराने से पशुओं को बीमारी से बचाया जा सकता है और दूध उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ता है. साथ ही इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिलती है.

किसानों ने किया अभियान का स्वागत

लोदरा गांव के किसान जिगरभाई पटेल, जिनके पास 33 गाय और 2 भैंसें हैं उन्होंने बताया कि सरकारी अधिकारी गांव में आकर नियमित रूप से पशुओं को टीका लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह अभियान पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है. लोदरा दुग्ध सहकारी समिति के सचिव महेंद्रभाई पटेल के अनुसार, गांव में करीब 750 पशु हैं, जिनमें से लगभग 40 प्रतिशत पशुओं को टीका लगाया जा चुका है. वहीं, अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के बड़े टीकाकरण अभियान से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और इससे राज्य के दुग्ध किसानों की आजीविका भी सुरक्षित रहती है. (ANI)

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