Animal Milking: बच्चा होने से कितने महीने पहले सुखा दें गाय-भैंस का दूध, क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

Animal Milking: बच्चा होने से कितने महीने पहले सुखा दें गाय-भैंस का दूध, क्या कहते हैं एक्सपर्ट 

Animal Milking इस बात का भी हमेशा ख्याल रखना चाहिए कि जब भैंस बच्चा देने वाली हो तो उसे घुमाने-फिराने में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए. बहुत सारे पशुपालकों का सवाल ये होता है कि हम कैसे पहचान करें कि भैंस अब बच्चा देने वाली है. इसकी पहचान उन लक्षणों को देखकर की जा सकती है जो गाय-भैंस बच्चा देने से पहले दिखाती है.

milking cowmilking cow
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 17, 2026,
  • Updated Feb 17, 2026, 2:29 PM IST

गाय-भैंस गर्भवती है और दूध दे रही है. लेकिन एक गर्भवती गाय-भैंस से कब तक दूध लेना चाहिए. ये एक ऐसा सवाल है जो लगभग हर एक पशुपालक के पास होता है. ये जानना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, क्योंकि इसका सीधा असर बच्चा होने के बाद मिलने वाले दूध उत्पादन पर पड़ता है. उत्पादन के साथ दूध की क्वालिटी भी बनती-बिगड़ती है. यही वजह है कि एनिमल एक्सपर्ट खासतौर पर गर्भवती गाय-भैंस की कई बिन्दुओं पर खास देखभाल करने की सलाह देते हैं. 

एक्सपर्ट का कहना है कि गाय-भैंस अगर गर्भवती है तो पहले से लेकर 10वें महीने तक उसकी खास देखभाल जरूर करें. इस देखभाल में गाय-भैंस के खानपान से लेकर उसके शेड और बाहर घुमाना-फिराना भी शामिल है. लेकिन इससे पहले ये जरूरी है कि गाय-भैंस के बच्चा देने से दो महीने पहले उसका दूध बंद यानि सुखा देना चाहिए. ये बहुत जरूरी है कि जब भैंस बच्चा दे तो वो दूध न दे रही हो.  

ऐसे करें गर्भवती भैंस की देखभाल  

  • भैंस अगर दूध दे रही हो तो ब्याने के दो महीने पहले उसका दूध सुखा दें.
  • दूध न सुखाने से अगले ब्यांत का उत्पादन घट जाता है.
  • गर्भावस्था के अंतिम दिनों में भैंस को रेल या ट्रक से नहीं ढोना चाहिए. 
  • भैंस को लम्बी दूरी तक पैदल नहीं चलाना चाहिए.
  • भैंस को ऊंची-नीची जगह और गहरे तालाब में नहीं ले जाना चाहिए. 
  • ऊंची-नीची जगह और गहरे तालाब में जाने से बच्चेदानी में बल पड़ सकता है.
  • भैंस को रोजाना हल्का व्यायाम कराना चाहिए. 
  • गर्भवती भैंस को ऐसे पशुओं से दूर रखना चाहिए जिनका गर्भपात हुआ हो.
  • भैंस के गर्भधारण और प्रसव की तारीख को कैलेंडर पर नोट कर लेना चाहिए. 
  • गर्भधारण को जैसे ही 310 दिन हों तो चौंकन्ने हो जाएं. 
  • भैंस के लिए सूरज की पूरी रोशनी का इंतजाम करें. 
  • सूरज की रोशनी से भैंस को विटामिन डी-3 मिलेगा. 
  • विटामिन डी-3 कैल्शियम बनाने में मदद करता है. 
  • विटामिन डी-3 और कैल्शियम से मिल्का फीवर होने की संभावना कम हो जाती है. 
  • भैंस को विटामिन ई और सिलेनियम का टीका लगवाएं, ये जेर गिरने में मदद करता है. 
  • भैंस को कैल्शियम की महंगी दवा पिलवाने की जगह पांच से 10 ग्राम चूना दिया जा सकता है.

ये लक्षण बताते हैं बच्चा होने वाला है

भैंस बच्चा देने वाली है इसे इस तरह के लक्षणों से पहचाना जा सकता जैसे, लेवटि का पूर्ण विकास, पूंछ के आसपास मांसपेशियों का ढीला हो जाना, खाने-पीने में रूचि न दिखाना, योनिद्वार का ढीला होना, लगातार तरल पदार्थ निकलना और बार-बार उठना-बैठना. 

ये भी पढ़ें-

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत 

Economic Survey: कृषि क्षेत्र की धीमी चाल, डेयरी-पोल्ट्री और मछली पालन ने कैसे ली ऊंची उड़ान?

MORE NEWS

Read more!