Bakra for Bakrid: बकरीद के लिए घर आ चुका है बकरा तो गर्मी में ऐसे करें देखभाल

Bakra for Bakrid: बकरीद के लिए घर आ चुका है बकरा तो गर्मी में ऐसे करें देखभाल

Bakra for Bakrid गर्मी भी अपने चरम पर है. ऐसे में कुर्बानी के बकरे का रख रखाव कैसा हो. उसे खाने पीने में क्या क्या  दिया जाए और क्या नहीं. बकरे को बाहर घुमाने का वक्त क्या होना चाहिए. साथ ही उसे ट्रांसपोर्ट करते वक्त क्या सावधानियां ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब किसान तक ने गोट एक्सपर्ट से पूछे. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Apr 29, 2026,
  • Updated Apr 29, 2026, 3:22 PM IST

आने वाली मई में बकरीद का त्यौहार मनाया जाएगा. इस मौके पर भेड़-भैंस और बकरों की कुर्बानी दी जाती है. खासतौर पर कुर्बानी के लिए बकरों की खरीद-फरोख्त काफी पहले से ही शुरू हो जाती है. इसी के चलते बाजार और हाट में बकरों का आना शुरू हो गया है. एक या दो बकरों की कुर्बानी देने वाले मुस्लि‍मों ने बकरों की खरीद शुरू कर दी है. इस मौके पर तीन दिन तक कुर्बानी दी जाएगी. भारत में ज्यादातर बकरों की कुर्बानी दी जाती है. जम्मू-कश्मीर और दक्षि‍ण भारत में बड़ी संख्या में भेड़ की कुर्बानी भी होती है. 

लेकिन अक्सर देखा गया है कि जैसे ही लोग बकरा खरीदकर घर पहुंचते हैं तो बकरा बीमार हो जाता है. सुस्त रहने लगता है. बकरा खाना पीना कम या कभी कभी तो एकदम बंद कर देता है. कई बार तो बकरे की मौत तक हो जाती है. जबकि बाजार में बिकने वाले मीट के मुकाबले कुर्बानी का बकरा महंगा होता है. बकरे की खूबसूरती और उसकी तंदरुस्ती को देखते हुए उसके रेट लगाए जाते हैं. 

बकरे को लाते ही कुछ न दें खाने को 

गोट एक्सपर्ट का कहना है कि बकरों को बाजार में लाने से पहले कारोबारी उन्हें खूब खिलापिलाकर लाते हैं. बहुत सारे कारोबारी बकरे को तगड़ा दिखाने के चक्कर में बेसन का घोल समेत कुछ खास तरह के केमिकल पिलाकर लाते हैं. बेसन पेट को फुला देता है. लेकिन गर्मियों में बेसन पीने से बकरे का पेट भी खराब हो जाता है. अब जैसे ही बकरा घर आता है तो घर के बच्चे खुशी खुशी में उसे खूब खिलाने पिलाने लगते है. इस तरह ओवर डाइट के चक्कर में बकरा बीमार पड़ जाता है. कई बार तो बकरे की मौत तक हो जाती है. 

घर पर गर्मियों में ऐसे करें देखभाल

  • सुबह से शाम तक बकरे को तीन से चार बार साफ, ठंडा पानी पिलाएं.
  • गर्मी ज्यापदा हो और बकरे को सांस लेने में तकलीफ हो तो उसे इलेक्ट्राल पाउडर दें. 
  • एक इलेक्ट्राल पाउडर को एक लीटर पानी में घोल लें और दिन में दो बार दे दें.
  • सुबह दस से शाम पांच बजे तक बकरों को धूप में न बैठाएं.
  • सुबह 10 के बाद और शाम चार बजे से पहले खुले में चराने ना ले जाएं. 
  • जहां तक संभव हो तो दिन में बकरे को छायादार जगह पर आराम करने दे.

ये तरीका बकरों को बनाता है हेल्दी 

  • बार-बार ना देकर बकरे को तय वक्त पर ही खाने को दें.
  • फीड में चना, चना की चुनी, गेहूं, चोकर, जो, और मिनरल दें.
  • गर्मियों में हरे चारे की मात्रा को बढ़ा दें.
  • बकरे के सामने काला नमक और लाहौरी नमक जरूर रखें.
  • बकरा जब नमक चाटता है तो उसका हाजमा ठीक होता है.

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