
कर्नाटक सरकार एक ऐसी योजना शुरू करेगी जिससे किसान रियायती दरों पर दूध देने वाले पशु खरीद सकेंगे. इन पशुओं का दूध बेचकर किसान अपनी कमाई बढ़ा सकेंगे. किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूत करने के लिए कर्नाटक सरकार यह स्कीम लेकर आई है.
पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री के. वेंकटेश ने कहा कि उत्तरी कर्नाटक के किसान 25% सब्सिडी पर गाय और भैंस खरीद सकेंगे. उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस प्रोजेक्ट के लिए फंड अलग रखा है. इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "बेलगावी और कलबुर्गी डिवीजनों में लगभग 20,000 किसानों को इसका लाभ मिलेगा."
उन्होंने कहा कि डेयरी फार्मिंग गांवों में गरीबी से निपटने के सबसे अच्छे उपायों में से एक है. यह उन छोटे किसानों के लिए एक जरिया है जिनके पास सिर्फ एक दूध देने वाला पशु है, जिससे वे हर दिन नकद कमाई कर सकें. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छोटे किसानों की मदद के लिए हर संभव कदम उठाएगी.
वे 25 अप्रैल को बेलगावी में सुवर्ण विधान सौध में 'विश्व पशु चिकित्सा दिवस' समारोह का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से किसानों को दूध उत्पादन के लिए दिए जा रहे बढ़ावे से दूध उत्पादन में काफी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने बताया कि राज्य का दूध उत्पादन पहले के 70 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर अब एक करोड़ लीटर प्रतिदिन से भी ज्यादा हो गया है.
PWD मंत्री सतीश जारकीहोली ने वेंकटेश से आग्रह किया कि वे यह ऐसी व्यवस्था करें कि पूरे कर्नाटक में, यहां तक कि छोटे कस्बों में भी, किसानों को पशु डॉक्टर की सेवाएं आसानी से उपलब्ध हों.
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर ने विभाग से अपील की कि वे सभी पशुओं के लिए मुफ्त और टीकाकरण की सुविधा मुहैया कराए.
पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा विभाग की आयुक्त शिल्पा नाग ने बताया कि कर्नाटक में पहली बार, सभी जिलों में 'खुरपका-मुंहपका रोग' (Foot-and-Mouth Disease) के खिलाफ मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है. उन्होंने किसानों से इस कार्यक्रम का लाभ उठाने की अपील की.
इस कार्यक्रम में मौजूद लोगों में विधायक आसिफ सैत और गणेश हुक्केरी भी शामिल थे.