खुराक खिलाने का तरीका भी किसी पशु के उत्पादन के घटने और बढ़ने का कारण हो सकता है. इतना ही नहीं पशुओं की ग्रोथ भी उसे खिलाने के तरीके से ही होती है. एनिमल एक्सपर्ट की ये टिप्स पढ़ने में बेशक अजीब लगती हो, लेकिन एक्सपर्ट के मुताबिक है बड़े काम की. ऐसा नहीं है कि खिलाने के तरीके ये शामिल हो कि क्या खिलाना है और क्या नहीं, बल्कि इस बात का ख्याल रखा जाता है कि पशुओं को जो खिलाया जा रहा है उसे खिलाने का तरीका कैसा है. पशु जिस जगह और जिस नांद में खा रहा है वो कैसी है.
इतना ही नहीं एक्सपर्ट का कहना है कि शेड और नांद के डिजाइन पर इसलिए भी शुरआत में जोर दिया जाना चाहिए कि जब पशु गाभिन हो तो उसे गर्भपात वाली परेशानियों से बचाया जा सके. हीट वेव के दौरान गाय-भैंस सुराक्षित रहे और उसका उत्पादन ना गिरे. शेड बनवाते वक्त सबसे पहले भैंस को विपरीत मौसम से बचाने वाले शेड का निर्माण कराया जाना चाहिए. दूसरा वो ऐसा होना चाहिए जहां भैंस आराम से दूध दोहने दे.
पशुओं को खिलाने में रखें इन बातों का ख्याल
- शेड के अंदर घूमने-फिरने में भैंस को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
- नांद में खाने के लिए बहुत नीचे गर्दन न झुकानी पड़े.
- नांद से खाने के लिए ज्यादा सीधे खड़े होकर खाने की कोशिश न करनी पड़े.
- शेड में जहां नांद बनाई जाए वहां दीवार नहीं होनी चाहिए.
- ख्याल रहे कि नांद हमेशा उत्तर दिशा में बनानी चाहिए.
- नांद का डिजाइन ऐसा होना चाहिए जिसमे आसानी से चारा डाला जा सके.
- जवान भैंस के लिए नांद की जमीन से ऊंचाई 50 सेमी और बछड़ों के लिए 20-25 सेमी होनी चाहिए.
- भैंस और बछड़ों के लिए नांद की गहराई 40 और 20 सेमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.
- शेड के अंदर बने नांद के पास पांच फीट चौड़ा फार्श होना चाहिए.
- गाय-भैंस के शेड का फर्श फिसलन वाला न हो.
- फर्श आसानी से साफ होने वाला और थोड़ा ढलान वाला बनवाना चाहिए.
- भैंस का शेड तीन तरफ से पांच फीट ऊंची दीवार से घिरा होना चाहिए.
- शेड के कवर्ड एरिया का फर्श शेड की खुली जमीन से थोड़ा ऊपर होना चाहिए.
- शेड के ओपन एरिया में पीने के पानी के लिए एक टंकी बनाई जानी चाहिए.
- शेड में एक भैंस के लिए कवर्ड एरिया 30-40 और ओपन एरिया 800-1000 वर्ग फुट होना चाहिए.
- शेड में बछड़ों के लिए कवर्ड एरिया 20-25 और ओपन एरिया 50-60 वर्ग फुट होना चाहिए.
- चारे के लिए नांद की जगह के पास कवर्ड एरिया में ढाई से तीन फीट की जगह होनी चाहिए.
- चारे के लिए नांद की जगह के पास बछड़े के लिए कवर्ड एरिया में डेढ़ फीट की जगह होनी चाहिए.
- शेड की छत पाइप और एंगल आयरन पर एस्बेस्टस शीट के साथ थोड़ी ढलान वाली बनानी चाहिए.
- लागत कम करने के लिए एस्बेस्टस और टिन की चादरों की तुलना में छप्पर की छत भी बनाई जा सकती है.
- पशुओं के शेड की सभी नालियां ढकी हुई होनी चाहिए.
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