चढ़ती गर्मी और बढ़ता तापमान सिर्फ इंसान ही नहीं पशुओं को भी परेशान करता है. खासतौर से उत्पादन करने वाले छोटे-बड़े सभी तरह के पशुओं को. यही वजह है कि जैसे ही तापमान 25-30 डिग्री को पार करता है तो एनिमल एक्सपर्ट गाय-भैंस के डाइट चार्ट में फौरन ही बदलाव करने की सलाह देते हैं. अप्रैल में ही तेज धूप और पारे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. आगे भीषण गर्मी वाले मई-जून बाकी हैं. इसी को देखते हुए एनिमल एक्सपर्ट ने पशुओं के डाइट में बदलाव करने संबंधी एडवाइरी जारी कर दी है.
ठंडी खुराक खिलाने के साथ ही गाय-भैंस को घुमाने-फिराने के वक्त में भी बदलाव की सलाह दी जा रही है. गौरतलब रहे गर्मियों के दौरान पशु हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस की चपेट में आ जाते हैं. जिसका सीधा असर पशुओं के उत्पादन पर पड़ता है. साथ ही बीमारी के इलाज पर होने वाले खर्च से उत्पादन की लागत भी बढ़ जाती है. इस सब के चलते पशुपालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है.
ऐसा होना चाहिए छायादार आवास
- गर्मियों में पशुओं को सीधी धूप से बचाना चाहिए.
- पशुओं का शेड ऐसा हो जहां हवा अच्छी तरह से आती-जाती हो.
- छत पर सफेद पेंट, घास, फूस रखने से गर्मी कम लगती है.
- पशुओं के लिए पेड़ की छाया बहुत फायदेमंद होती है.
पीने के पानी का ऐसे करें इंतजाम
- पशुओं को हमेशा साफ और स्वच्छ पानी ही पिलाएं.
- एक वयस्क पशु को दिन में 60 से 80 लीटर पानी पिलाएं.
- दिन में कई बार टंकी के पानी को बदलते रहें.
पशुओं को ऐसे पहुंचाएं ठंडक
- पशुओं पर दिन में दो-तीन बार पानी का छिड़काव करें.
- मुमकिन हो तो भैंसों को तालाब में बैठाएं.
- पशुओं के शेड में उनकी संख्या के हिसाब से पंखे लगवाएं.
- शेड में पशुओं को गर्मी न लगे इसके लिए मिस्ट सिस्टम लगाएं.
गर्मियों में ऐसी होनी चाहिए ठंडी खुराक
- सुबह-शाम के ठंडे वक्त ही पशुओं को खुराक खिलाएं.
- पशुओं की खुराक में हरा चारा ज्यादा शामिल करें.
- खुराक के साथ मिनरल मिक्चर और नमक जरूर खिलाएं.
- ज्यादा सूखा और गरम तासीर वाला चारा कम खिलाएं.
- पानी में ओआरएस का घोल मिलाकर पिलाएं.
बहुत काम की हैं ये बातें
- दोपहर 12 से 4 बजे तक पशु को चराने न ले जाएं.
- सुबह और देर शाम को ही चराई पर ले जाएं.
- शेड के आसपास पेड़ लगाकर छाया बढ़ाएं.
- शेड में और उसके आसपास सफाई रखें.
- शेड के फर्श पर पानी का छिड़काव करते रहें.
- 25 डिग्री से ज्यादा तापमान होने पर अलर्ट हो जाएं.
- पशुओं की हैल्थ की जांच कराते रहें.
पशु में हीट स्ट्रोक की ऐसे करें पहचान
- हीट स्ट्रोक में आते ही तेज-तेज सांस लेना.
- मुंह खुला रखना और लार टपकाना.
- कमजोरी होने से चलने में पशु सुस्त रहता है.
- पशुओं के शरीर का तापमान बढ़ा हुआ रहता है.
- हीट स्ट्रोक में आते ही पशु को ठंडी जगह पर रखें.
- पशु के शरीर पर ठंडा पानी डालते रहें.
- पशु के हीट स्ट्रोक में आती ही डॉक्टर से संपर्क करें.
ये भी पढ़ें- Breed Production: OPU-IVF से मां बनेंगी सड़क-खेतों में घूमने वाली छुट्टा गाय
ये भी पढ़ें- Egg Production: पोल्ट्री फार्म में कैसे बढ़ेगा अंडा उत्पादन, पढ़ें पोल्ट्री एक्सपर्ट के 10 टिप्स