Fodder for Goat: बरसात में बकरियों को इस पेड़ की पत्ति‍यां खि‍लाईं तो दूर रहेगी ये बीमारी 

Fodder for Goat: बरसात में बकरियों को इस पेड़ की पत्ति‍यां खि‍लाईं तो दूर रहेगी ये बीमारी 

Fodder for Goat बरसात के दिनों में बकरियों को पेड़ों की पत्ति‍यां खि‍लानी चाहिए. इतना ही नहीं हरा चारा काटने के 10 से 15 दिन तक सुखाने के बाद उसे बकरियों को खि‍लाया जा सकता है. कुछ खास ऐसे पेड़ हैं जिनकी पत्तियां बकरियों को खि‍लाई जा सकती हैं. इससे बकरे-बकरियों का उत्पादन भी बढ़ता है. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 03, 2026,
  • Updated Jul 03, 2026, 9:20 AM IST

जिस हरे चारे से बकरे-बकरियों की ग्रोथ होती है. जिस पौष्टिेक हरे चारे को खाकर बकरियां दूध देती हैं, वो ही हरा चारा उनके लिए बीमारी की जड़ भी ब सकता है. खासतौर पर बरसात के दिनों में खि‍लाया गया हरा चारा. गोट एक्सपर्ट की मानें तो बरसात के दिनों में हरा चारा बक‍रे-बकरियों के लिए जानलेवा तक हो जाता है, अगर उन्हें एक्सपर्ट की सलाह पर न खि‍लाया जाए. एक्सपर्ट खास सलाह देते हैं कि बरसात के दिनों में बकरे-बकरियों को ताजा हरा चारा कभी नहीं खि‍लाना चाहिए. 

एक्सपर्ट के मुताबिक बरसात के दिनों में हरे चारे में नमी की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसे में बकरियों को हरा चारा खि‍लाया जाता है तो उन्हें अफरा यानि पाचन संबंधी बीमारियां परेशान करने लगती हैं. लेकिन इस तरह की परेशानी से बचने के लिए बकरे-बकरियों को इन दिनों में कुछ खास पेड़ की पत्तियां खि‍लाई जा सकती हैं. 

इसलिए खि‍लाएं पेड़ों की पत्तियां 

  • बरसात के दौरान भेड़-बकरियों को पेड़ों की पत्ति‍यां खि‍लाना बहुत फायदेमंद रहता है. 
  • फसली हरे चारे के मुकाबले पेड़ों की पत्तियों में नमी की मात्रा कम होती है. 
  • फसली चारे में ज्यादा नमी के चलते पशु डायरिया जैसी बीमारी के शि‍कार हो जाते हैं. 
  • बरसात में भेड़-बकरी पालक अमरुद, नीम और मोरिंगा की पत्तियां खि‍ला सकते हैं. 
  • पेड़ों की पत्तिकयां पेट भरने के साथ ही दवाई का काम भी करती हैं. 
  • इन पेड़ों की पत्तिपयों में टेनिन कांटेंट और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है. 
  • बरसात में तीनों पेड़ की पत्तियां खि‍लाने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े नहीं होंगे. 
  • बरसात के दौरान दूषि‍त पानी पीने से भेड़-बकरियों के पेट में कीड़े होना आम बात है. 
  • पेट में कीड़े होने वाली बीमारी भेड़-बकरियों की ग्रोथ पर असर डालती है. 
  • पेट में कीड़े होने पर भेड़-बकरियों को कुछ भी खि‍लाओं लेकिन उनकी ग्रोथ नहीं बढ़ती है.
  • फार्म में बकरी पालन करने कराने वालों को नीम, अमरुद और मोरिंगा जरूर खि‍लाना चाहिए. 

पत्तियां खि‍लाने में रखें ये सावधानियां 

  • बकरी जमीन पर पड़े चारे के मुकाबले डाल से तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं. 
  • डाल से तोड़कर खाए जाने वाले चारे को बकरी बड़े ही चाव से खाती हैं. 
  • डाल से तोड़कर खाए जाने वाले से बकरे-बकरी की ग्रोथ तेजी से होती है. 
  • अगर नीम, अमरुद और मोरिंगा आसानी से उपलब्ध नहीं हो तो गूलर और अरडू खि‍ला सकते हैं. 
  • मोरिंगा का मुलायम तना भी बकरियां बड़े आराम से खाती हैं.

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