
अल नीनो का असर दिखाई देने लगा है. अगर बीते 10 दिन की ही बात करें तो गर्मी की तेज तपिश महसूस होने लगी है. बारिश भी कम हो रही है. एक्सपर्ट की मानें तो 40 से 50 फीसद तक बारिश कम हुई है. अगर गाय-भैंस के लिहाज से बात करें तो इस तरह का मौसम बीमारियों को जन्म देता है. साथ ही हरे चारे की कमी भी सामने आने लगती है. वहीं इस सब के चलते पशुओं का दूध उत्पादन भी घट जाता है. लेकिन, अगर खासतौर से दोपहर के वक्त पशुओं की अच्छी तरह से देखभाल की जाए तो वितरीत मौसम के चलते होने वाले नुकसान से पशुओं को बचाया जा सकता है.
जिसमे बदलते मौसम के हिसाब से पशुओं के शेड में बदलाव करना. पीने के पानी और चारे में भी मौसम के हिसाब से बदलाव करना होता है. इतना ही नहीं पशु को शेड से कब बाहर ले जाना है या फिर कब से कब तक शेड में ही रखना इसका पालन भी एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक ही करना चाहिए. इस संबंध में एक्सपर्ट ने पशुपालकों के लिए 17 टिप्स जारी किए हैं.
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