बरसात के मौसम में पशुओं को संक्रमण से होने वाली बीमारियां बहुत परेशान करती हैं. खासतौर पर मॉनसून में पनपने वाले कुछ कीट-पतंगे भी पशुओं की बीमारियों की वजह बनते हैं. कुछ संक्रमण तो इतने खतरनाक होते हैं कि उनके चलते पशुओं की जान पर भी बन आती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो इस मौसम में 6 ऐसी बीमारियां होती हैं जिनसे बचाने के लिए पशुओं की खास देखभाल बहुत ज्यादा जरूरी हो जाती है. क्योंकि साफ-सफाई और देखभाल ठीक से नहीं की गई तो फिर पशु संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं.
और जिसका सीधा असर पशुओं के दूध और मीट उत्पादन पर पड़ता है. हालांकि इन बीमारियों की रोकथाम और इलाज घर पर भी किया जा सकता है. लेकिन ऐसे मामलों में पशुपालक की देखभाल ज्यादा काम आती है. वहीं यही देखभाल पशुओं को दवाईयों के भारी-भरकम खर्च से भी बचाती है. अगर आम बीमारियों के ये उपाय रोजमर्रा की दिनचर्या में भी शामिल कर लिए जाएं तो पशु बहुत सारी बीमारियों से दूर रहेंगे.
जूं और किलनी से बचाएं
- जैसे ही ये पता चले कि पशुओं के जूं और किलनी है तो होने के दौरान नीम के पत्तों को पानी में उबालकर गाय के शरीर पर स्प्रे करें.
- या फिर एक कपड़े को नीम के पानी में डालकर कपड़े से पशु को धोना चाहिए.
- इस उपाय को कई दिन लगातार करने से गाय की जूं और किलनी की परेशानी दूर हो जाती है.
- बच्चा देने के बाद जेर न गिरे तो क्या करें
- बच्चा देने के बाद गाय-भैंस की जेर पांच घंटे में गिर जानी चाहिए.
- अगर जेर न गिरे तो गाय दूध भी नहीं देती.
- अगर जेर ना गिरे तो डॉक्टर की सलाह लेकर जेर से जुड़े उपाय करने चाहिए.
- जेर न गिरने पर पशु के पिछले भाग को गर्म पानी से धोना चाहिए.
- किसी भी हाल में जेर को हाथ न लगाएं.
- जेर को खींचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.
चोट-घाव का ऐसे करें इलाज
- बरसात के दौरान चोट-घाव में कीड़े पड़ने से पशु को परेशानी महसूस होती है.
- पशु के शरीर पर चोट या घाव की गर्म पानी में फिनाइल या पोटाश डालकर सफाई करनी चाहिए.
- घाव में अगर कीड़े हों तो एक तारपीन के तेल में भीगी पट्टी को पशु की चोट पर बांधी देनी चाहिए.
- पशुओं के मुंह में होने वाले घावों को फिटकरी के पानी से धोना चाहिए.
योनि इंफेक्शन को करें दूर
- बच्चा देने के बाद तय वक्त में गाय-भैंस की जेर न गिरने पर योनि में इंफेक्शन हो जाता है.
- योनि में इंफेक्शन होने पर गाय-भैंस के शरीर का तापमान बढ़ जाता है.
- योनि में इंफेक्शन होने योनि मार्ग से बदबू आने लगती है.
- पशु की योनि में इंफेक्शन हो तो योनि से तरल पदार्थ रिसने लगता है.
- योनि में इंफेक्शन होने उस हिस्से को गर्म पानी में डिटॉल और पोटाश मिलाकर साफ करना चाहिए.
हरे चारे से हो सकते हैं दस्त
- गाय-भैंस दस्त और मरोड़ होने पर पतला गोबर करने लगती है.
- पशु को दस्त-मरोड़ तब होते हैं जब पेट को ठंड लग जाती है.
- बरसात के दौरान ज्यादा हरा चारा खाने से दस्त-मरोड़ होते हैं.
- बरसात में दस्त-मरोड़ से बचाने को हल्का आहार देना चाहिए.
- पशु को हल्के आहार में चावल का माड़, उबला हुआ दूध, बेल का गूदा देना चाहिए.
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