Organic Dairy Products: ऑर्गेनिक दूध-दही, घी बेचना है तो ऐसे होगा तैयार, पढ़ें एक्सपर्ट टिप्स 

Organic Dairy Products: ऑर्गेनिक दूध-दही, घी बेचना है तो ऐसे होगा तैयार, पढ़ें एक्सपर्ट टिप्स 

Organic Dairy Products राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (एनसीओएनएफ) की मानें तो पशु से ऑर्गेनिक दूध लेना इतना आसान नहीं है. इसके लिए लगातार कई नियमों का पालन करना होता है. तक कहीं जाकर सर्टिफिकेट जारी होता है. संस्थान दूध के ऑर्गेनिक होने का प्रमाण पत्र देता है. यह प्रमाण पत्र पशु के नाम पर दिया जाता है. 

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नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 01, 2026,
  • Updated Jul 01, 2026, 3:22 PM IST

कुछ खास डेयरी प्रोडक्ट का एक अलग ही बाजार तैयार हो गया है. और ये बाजार है आनलाइन प्लेटफार्म. अगर आपके पास दूध-दही, घी है और वो भी ऑर्गेनिक तो फिर उसे बेचने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी. अच्छे मुनाफे के साथ वो फटाफट बिक जाएगा. और अगर हम सोशल मीडिया पर भी नजर डालें तो ऑर्गेनिक प्रोडक्ट को लेकर एक अलग तरह की जंग छिड़ी हुई है. डेयरी में तो A1 और A2 का दावा करते हुए भी मुंह मांगे दाम पर प्रोडक्ट बेचे जा रहे हैं. और साथ में जब प्रोडक्ट को ऑर्गेनिक बताते हैं तो ये दाम और बढ़ जाते हैं. लेकिन ऑर्गेनिक दूध और डेयरी प्रोडक्ट तैयार कैसे होते हैं. 

कैसे हम अपने डेयरी प्रोडक्ट पर दावा कर सकते हैं कि ये ऑर्गेनिक हैं. राष्ट्रीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती केंद्र (एनसीओएनएफ) और नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी विभाग ने दूध को ऑर्गेनिक होने का प्रमाण पत्र देने की योजना शुरू की है. एनसीओएनएफ के मुताबिक गाय-भैंस और बकरी समेत ऊंट को भी ऑर्गनिक दूध का सर्टिफिकेट दिया जाएगा. अगर पशु पालक संस्थान के बताए नियमों का पालन करेगा तभी उसे सर्टिफिकेट मिलेगा. 

डेयरी को ऐसे मिलेगा सर्टिफिकेट

डेयरी एक्सपर्ट का कहना है कि लम्बे वक्त से ऑर्गनिक चारे पर काम चल रहा है. लेकिन चारा ऑर्गेनिक है या नहीं इसके लिए सर्टिफिकेट लेना होता है. ले‍किन सिर्फ ऑर्गेनिक हरा चारा खि‍लाने से ही ही दूध ऑर्गेनिक नहीं हो जाता है. इसके लिए और दूसरे नियमों का भी पालन करना होता है. 

  • ऑर्गनिक का सर्टिफिकेट देने से पहले यह देखा जाता है कि दुधारू पशु को खाने में ऑर्गेनिक चारा दिया जा रहा है या नहीं. 
  • सूखा चारा यानि भूसा जिस फसल का है वो ऑर्गेनिक थी या नहीं. 
  • जहां भी ऑर्गनिक चारा उगाया जा रहा है उसके आसपास दूसरी फसल में पेस्टी साइट का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है. 
  • जिस फसल में पेस्टीसाइट इस्तेमाल किया जा रहा है नियमानुसार ऑर्गेनिक फसल से एक तय दूरी रखनी पड़ती है.
  • पशुओं को दी जाने वाली वैक्सीजन, बीमारी में दी जा रहीं दवाई भी नियमानुसार दी जाती है. 
  • कुछ खास बीमारियों में पशुओं को सिर्फ हर्बल दवा खिलाने के ही नियम होते हैं. 
  • पशुओं को जो दाना यानि फीड दिया जाता है उसकी भी जांच होती है. 
  • फीड बनाने में किसी तरह के केमिकल (ऐडिटिव) का इस्तेमाल तो नहीं किया जा रहा है. 

डेयरी और फीड एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि ऑर्गेनिक दूध के मामले में ऐसा भी नहीं है कि आज से आपने पशुओं को ऑर्गनिक चारा देना शुरू किया तो वो कल से ऑर्गनिक दूध देना शुरू कर देंगे. इसके लिए भी नियमानुसार पशुओं के हिसाब से दिन तय किए जाते हैं.

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