RGM-NLM: डेयरी-पशुपालन बढ़ाना चाहते हैं तो सरकार की दो योजनाएं बनेंगी मददगार

RGM-NLM: डेयरी-पशुपालन बढ़ाना चाहते हैं तो सरकार की दो योजनाएं बनेंगी मददगार

RGM-NLM केन्द्र सरकार द्वारा सभी तरह के पशुपालक और दूध कारोबारियों के लिए दो खास योजनाएं चलाई जा रही हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालन को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की मदद से दोनों योजनाओं को चला रही है. ये नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) और राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) नाम से चल रही हैं. 

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 01, 2026,
  • Updated Jul 01, 2026, 9:20 AM IST

भारत दूध उत्पादन में नंबर वन है. विश्व में बाकी के सभी देश बहुत पीछे हैं. हर साल दूध उत्पादन बढ़ रहा है. बाजार में दूध से बने प्रोडक्ट की डिमांड भी खूब बढ़ रही है. इसी के चलते देश में गाय-भैंस और बकरी पालन करने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. अगर आप पशुपालक हैं या दूध का कारोबार करते हुए डेयरी चला रहे हैं, डिमांड को देखते हुए कारोबार को बढ़ाना चाहते हैं तो केन्द्र सरकार की दो खास योजनाएं आपकी मददगार बनेंगी. ये दोनों ही योजनाएं पशुपालन और डेयरी से जुड़ी हुई हैं. 

ये नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) और राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) नाम से चल रही हैं. डेयरी एक्सपर्ट की मानें तो एनएलएम और आरजीएम दोनों ही योजनाओं का मकसद गाय-भैंस की देसी नस्ल को बढ़ावा देना है. साथ ही दूध की बढ़ती डिमांड को देखते हुए दूध उत्पादन बढ़ाना भी इसमे शामिल है. जानकारों की मानें तो आठ साल में दुधारू पशुओं की संख्या आठ करोड़ से 12 करोड़ पर पहुंच गई्. 

राष्ट्रीय गोकुल मिशन का उदेश्य

आरजीएम योजना के तहत देशी बोवाइन नस्लों के विकास, संरक्षण, बोवाइन आबादी की आनुवंशिक बढ़ोतरी, बोवाईन पशुओं के दूध उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि पर ध्यान दिया जाता है. 

राष्ट्रीय पशुधन मिशन का उदेश्य

एनएलएम योजना के तहत कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से श्रेष्ठ नर जर्मप्लाज्म का प्रचार, वैकल्पिक प्रजनन से भेड़ और बकरी की नस्लों के आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम चलाए जाते हैं. साथ ही वीर्य स्टेशन, वीर्य प्रयोगशालाओं, वीर्य बैंकों, पशु कृत्रिम गर्भाधान केंद्रों पर छोटे पशुओं के लिए राज्यों को सहायता दी जाती है. 

कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम

राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत, पशुपालन और डेयरी विभाग 50 फीसद से कम कृत्रिम गर्भाधान कवरेज वाले जिलों में कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा दे रहा है. कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं किसानों के दरवाजे तक फ्री में पहुंचाई जा रही हैं. मौजूदा नए आंकड़ों के मुताबिक 7.3 करोड़ पशुओं को कवर किया जा चुका है. जिसमें 10.17 करोड़ कृत्रिम गर्भाधान किए गए हैं. देश में 4.58 करोड़ किसान लाभान्वित हुए हैं. 

NLM में मिल रही 50 फीसद सब्सिडी 

एनएलएम योजना का मकसद भेड़, बकरी और फीड एवं चारा क्षेत्र, पशुधन बीमा और इनोवेशन से संबंधित अनुसंधान और विकास करने वाले संस्थानों, विश्वविद्यालयों, संगठनों को प्रोत्साहित करना है. फीड और चारा के उप-मिशन के तहत चारा उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमाणित चारा बीज की उपलब्धता में सुधार करने, चारा बीज श्रृंखला को मजबूत करने और प्रोत्साहन के माध्यम से चारा ब्लॉक, घास बांधने (हे बेलिंग) और साइलेज बनाने वाली यूनिट की स्थापना के लिए 50 लाख रुपये तक की 50 फीसद सब्सिडी दी जा रही है.

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