
केज (पिंजरा) फ्री ऐग (अंडा) उत्पादन बढ़ाने के लिए कोशिशें की जा रही है. पोल्ट्री फार्मर से लेकर अंडा खाने वाले ग्राहकों तक को जागरुक किया जा रहा है. इतना ही नहीं हाल ही में यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) ने केज फ्री ऐग के संबंध में एक सर्वे कर आंकड़े जुटाए हैं. सर्वे कर 24 देशों के 5 हजार पोल्ट्री फार्म से आंकड़े जुटाए गए हैं. वहीं कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया सरकार ने एक ऑफिशियल आदेश जारी कर ज्यादा से ज्यादा केज फ्री ऐग प्रोडक्शन की बात कही है. सर्वे में केज फ्री ऐग के फायदे भी सामने आए हैं. सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि केज फ्री ऐग का प्रोडक्शन महंगा पड़ता है, लेकिन अंडे हेल्दी होते हैं. साथ ही बहुत सारी बीमारियों से भी फ्री होते हैं.
गौरतलब रहे भारत में भी कुछ एनजीओ समय-समय पर आवाज उठाते रहते हैं कि केज फ्री अंडे का प्रोडक्शन किया जाए. अंडा देने वाली मुर्गियों को केज में न रखा जाए. एनजीओ का मानना है कि केज में रखना मुर्गियों का उत्पीड़न भी है. इसके लिए वो विदेशों में हो रहे मुर्गी पालन का उदाहरण भी देती हैं. लेकिन क्या भारत में केज फ्री मुर्गी पालन संभव है. क्या क्रेज फ्री मुर्गी पालन का असर पोल्ट्री प्रोडक्ट के रेट पर भी पड़ेगा. क्या केज फ्री होने से प्रोडक्शन भी कम हो जाएगा.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि जगह की कमी और महंगे रेट को देखते हुए केज फ्री ऐग प्रोडक्शन की बात करना बेमानी है. अगर केज फ्री ऐग प्रोडक्शन शुरू किया जाता है तो जितनी जगह में पिंजरा मुर्गी पालन हो रहा है उसकी तीन गुना जगह की जरूरत होगी. जैसे आज अगर किसी पोल्ट्री फार्म में अंडा देने वालीं 50 हजार मुर्गियां पाली जा रही हैं, तो केज फ्री होने पर उतनी ही जगह में सिर्फ 17 हजार मुर्गियां ही पाली जा सकेंगी. गांव हो या शहर हर जगह जमीन की कीमतों से सभी वाकिफ हैं. एक आम पोल्ट्री फार्मर के लिए ज्यादा और महंगी जमीन पर मुर्गी पालना संभव नहीं है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि केज फ्री होने से प्रोडक्शन पर बड़ा असर पड़ेगा. आज हाईटेक पोल्ट्री केज आ रहे हैं. जिसके चलते अंडा आटोमेटिक तरीके से जमा होने लगता है. मुर्गियों की बीट भी एक बटन ऑन करते ही ट्रॉली में गिरना शुरू हो जाती है. जिसके चलते दोनों ही काम के लिए बहुत ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत नहीं पड़ती है. कम समय में ज्यादा काम हो जाता है. जबकि केज फ्री होने पर अंडा एक-एक करके हाथ से जमा करना होगा. वहीं बीट भी कर्मचारी हाथ से उठाएंगे.
केज फ्री ऐग का सीधा असर अंडा खाने वालों पर भी पड़ेगा. आज जिस अंडे की लागत मान लो सात से आठ रुपये आ रही है तो केज फ्री होते ही उसकी लागत 18 से 20 रुपये तक हो जाएगी. लेकिन केज फ्री ऐग ज्यादातर ब्राउन ऐग होता है. बाजार में एक ब्राउन ऐग की कीमत ही 12 से 13 रुपये है.
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