Cage Free Egg: महंगा है, लेकिन हेल्दी है केज फ्री ऐग, सर्वे में सामने आए फायदे 

Cage Free Egg: महंगा है, लेकिन हेल्दी है केज फ्री ऐग, सर्वे में सामने आए फायदे 

Cage Free Egg दो वजहों के चलते भारत ही नहीं विश्व के दूसरे देशों में भी केज फ्री ऐग की चर्चा हो रही है. पहली तो ये कि केज फ्री अंडा खाने के कई फायदे हैं. केज फ्री सिस्टम में अंडा हेल्दी और बीमारियों से मुक्त होती है. साथ ही मुर्गियां भी तनाव मुक्त रहती हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि केज यानि पिंजरे में रखकर मुर्गियों पर अत्याचार किया जाता है. 

Poultry BusinessPoultry Business
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Mar 19, 2026,
  • Updated Mar 19, 2026, 11:40 AM IST

केज (पिंजरा) फ्री ऐग (अंडा) उत्पादन बढ़ाने के लिए कोशि‍शें की जा रही है. पोल्ट्री फार्मर से लेकर अंडा खाने वाले ग्राहकों तक को जागरुक किया जा रहा है. इतना ही नहीं हाल ही में यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) ने केज फ्री ऐग के संबंध में एक सर्वे कर आंकड़े जुटाए हैं. सर्वे कर 24 देशों के 5 हजार पोल्ट्री फार्म से आंकड़े जुटाए गए हैं. वहीं कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया सरकार ने एक ऑफिशि‍यल आदेश जारी कर ज्यादा से ज्यादा केज फ्री ऐग प्रोडक्शन की बात कही है. सर्वे में केज फ्री ऐग के फायदे भी सामने आए हैं. सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि केज फ्री ऐग का प्रोडक्शन महंगा पड़ता है, लेकिन अंडे हेल्दी होते हैं. साथ ही बहुत सारी बीमारियों से भी फ्री होते हैं. 

गौरतलब रहे भारत में भी कुछ एनजीओ समय-समय पर आवाज उठाते रहते हैं कि केज फ्री अंडे का प्रोडक्शन  किया जाए. अंडा देने वाली मुर्गियों को केज में न रखा जाए. एनजीओ का मानना है कि केज में रखना मुर्गियों का उत्पीड़न भी है. इसके लिए वो विदेशों में हो रहे मुर्गी पालन का उदाहरण भी देती हैं. लेकिन क्या भारत में केज फ्री मुर्गी पालन संभव है. क्या क्रेज फ्री मुर्गी पालन का असर पोल्ट्री प्रोडक्ट के रेट पर भी पड़ेगा. क्या केज फ्री होने से प्रोडक्शन भी कम हो जाएगा. 

ये हैं केज फ्री ऐग से जुड़े फैक्ट 

  • केज फ्री ऐग सिस्टम मुर्गियों के तनाव और बीमारी के जोखिम को कम करता है. 
  • मुर्गियों में बीमारी कम होने से एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कम हो जाता है. 
  • दवाई के कम इस्तेमाल से AMR (एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध) की रोकथाम में मदद मिलती है. 
  • साल्मोनेला बैक्टीरिया (आम तौर पर कच्चे-अधपके मांस, अंडे और गंदे पानी से फैलता है.) का लेवल काफी कम होता है.
  • केज फ्री सिस्टम से मुर्गियों की मृत्यु दर कम हो जाती है. 

ये हैं सर्वे में सामने आए आंकडे 

  • Lever Foundation और GMO Research ने जुलाई 2025 में केज फ्री ऐग को बढ़ावा देने के लिए ये सर्वे किया है. 
  • सर्वे में 72 फीसद लोगों ने कहा है कि होटलों, रेस्तरां, सुपरमार्केट और पैकेटबंद खाद्य कंपनियों को सिर्फ केज फ्री ऐग ही इस्तेमाल करने चाहिए. 
  • 71 फीसद लोग केज फ्री ऐग के लिए 10 से 40 फीसद तक ज्यादा दाम देने को तैयार हैं. 
  • 72 फीसद लोग केज फ्री ऐग से बने मेनू आइटमों के लिए अतिरिक्त भुगतान करने को तैयार हैं. 
  • केज फ्री ऐग क्वालिटी और सस्टेनेबिलिटी के लिए बहुत जरूरी है. 
  • इंडोनेशि‍या में केएफसी, बर्गर किंग, नेस्ले, हयात, मैरियट, द पेनिनसुला होटल्स, अमन ग्रुप, स्विस-बेलहोटल इंटरनेशनल, सुपरइंडो, इस्माया, बाली बुद्ध और जीवा जावी जैसी कंपनियों ने केज फ्री ऐग इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. 

केज फ्री ऐग प्रोडक्शन की चुनौतियां 

पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि जगह की कमी और महंगे रेट को देखते हुए केज फ्री ऐग प्रोडक्शन  की बात करना बेमानी है. अगर केज फ्री ऐग प्रोडक्शन शुरू किया जाता है तो जितनी जगह में पिंजरा मुर्गी पालन हो रहा है उसकी तीन गुना जगह की जरूरत होगी. जैसे आज अगर किसी पोल्ट्री फार्म में अंडा देने वालीं 50 हजार मुर्गियां पाली जा रही हैं, तो केज फ्री होने पर उतनी ही जगह में सिर्फ 17 हजार मुर्गियां ही पाली जा सकेंगी. गांव हो या शहर हर जगह जमीन की कीमतों से सभी वाकिफ हैं. एक आम पोल्ट्री फार्मर के लिए ज्यादा और महंगी जमीन पर मुर्गी पालना संभव नहीं है. 

लेबर की बढ़ जाएगी परेशानी 

पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि केज फ्री होने से प्रोडक्शन पर बड़ा असर पड़ेगा. आज हाईटेक पोल्ट्री केज आ रहे हैं. जिसके चलते अंडा आटोमेटिक तरीके से जमा होने लगता है. मुर्गियों की बीट भी एक बटन ऑन करते ही ट्रॉली में गिरना शुरू हो जाती है. जिसके चलते दोनों ही काम के लिए बहुत ज्यादा कर्मचारियों की जरूरत नहीं पड़ती है. कम समय में ज्यादा काम हो जाता है. जबकि केज फ्री होने पर अंडा एक-एक करके हाथ से जमा करना होगा. वहीं बीट भी कर्मचारी हाथ से उठाएंगे. 

बाजार में महंगा हो जाएगा अंडा 

केज फ्री ऐग का सीधा असर अंडा खाने वालों पर भी पड़ेगा. आज जिस अंडे की लागत मान लो सात से आठ रुपये आ रही है तो केज फ्री होते ही उसकी लागत 18 से 20 रुपये तक हो जाएगी. लेकिन केज फ्री ऐग ज्यादातर ब्राउन ऐग होता है. बाजार में एक ब्राउन ऐग की कीमत ही 12 से 13 रुपये है.   

Meat Production: पश्च‍िम बंगाल नहीं, UP को द‍िया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट 

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत

MORE NEWS

Read more!