
गर्मियां शुरू होते ही ही पोल्ट्री फार्मर को उत्पादन कम होने की परेशानी सताने लगती है. पोल्ट्री एक्सपर्ट की मानें तो फार्मर का परेशान होना भी सही है. क्योंकि कुछ खास वजहों के चलते गर्मी के मौसम में अंडों और चिकन का उत्पादन घट जाता है. हालांकि इसके पीछे जो सबसे बड़ी वजह तापमान है. तापमान बढ़ते ही मुर्गे-मुर्गियों को परेशानी होने लगती है. जिसके चलते अंडे और चिकन का उत्पादन भी घट जाता है. खासतौर से गर्मियों में मुर्गे-मुर्गी हीट स्ट्रैस में आ जाते हैं. इस तरह की परेशानी सामने आने पर अगर सिर्फ दाना-पानी और हवा का सही तरीके से पोल्ट्री फार्म में इंतजाम कर लिया जाए तो घटते उत्पादन और मुर्गे-मुर्गियों की मृत्यु दर को रोका जा सकता है.
एक पोल्ट्री फार्म में ये वो हालात होते हैं जहां हीट स्ट्रैस से निपटने के उचित इंतजाम ना होने के चलते मुर्गे-मुर्गियों की मौत तक हो जाती है. दूसरे सेक्टर की तरह से जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) ने पोल्ट्री फार्म के मुर्गे-मुर्गियों पर भी बड़ा असर डाला है. जलवायु परिवर्तन के पोल्ट्री पर असर को देखते हुए इस तरह के इंतजाम और भी ज्यादा जरूरी हो जाते हैं.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गे-मुर्गियों में गर्मी का तनाव तब देखने में आता है जब मुर्गी अपने शरीर की अतिरिक्त गर्मी को छोड़ने के लिए संघर्ष करती है. इसी के चलते मुर्गी तनाव में आती है और उसका उत्पादन भी कम हो जाता है. जब तापमान मुर्गे-मुर्गियों के आरामदायक लेबल से ज्यादा हो जाता है, तो वे तेजी से सांस लेते हैं, कम खाते हैं, कम अंडे देते हैं और यहां तक कि उनकी मौत तक हो जाती है. उनका कहना है कि हीट स्ट्रैस मुर्गे-मुर्गियों के हार्मोन लेबल को बाधित करता है और प्रजनन क्षमता और अंडे की गुणवत्ता को प्रभावित करता है. ब्रॉयलर का वजन कम हो जाता है, चिकन की क्वालिटी गिरने लगती है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री फार्म में जरूरी तापमान और हवा बनाए रखने के लिए ये जरूरी है कि फार्म में खिड़की-दरवाजों का सिस्टम ठीक हो. एग्जास्ट फैन लगाए गए हों. फार्म की बाहरी दीवारों पर गीली बोरी का इस्तेमाल किया जा सकता है.
डिहाईड्रेशन और गर्मी के असर को कम करने के लिए पोल्ट्री फार्म में ताजा और ठंडा पीने का पानी बहुत जरूरी है. पानी की क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने और उसकी जांच करने करने वाले उपकरण लगवाएं. पानी का छिड़काव भी करवा सकते हैं.
गर्मी के मौसम में ये बहुत ही जरूरी है कि मुर्गे-मुर्गियों की पोषक तत्वों की जरूरत को पूरा किया जाए. दिन के फीड को इस तरह से तैयार किया जाए वो मुर्गियों में हीट स्ट्रै्स को कम करने वाला हो. दिन के वक्त इलेक्ट्रोलाइट की खुराक मुर्गे-मुर्गियों को डिहाईड्रेशन से बचाती है.
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