
अगर कुछ लोगों को छोड़ दें तो आज भी पशुपालन में लोगों का ये मानना होता है कि पशु को तो कहीं भी खूंटे से बांधा जा सकता है. लेकिन ऐसा नहीं है. खासतौर पर जब पशु शेड में होता है तो उसे आराम की बहुत जरूरत होती है. और पशु को जब पूरा आराम मिलेगा तभी वो तनाव से मुक्त रहेगा. एनिमल एक्सपर्ट के मुताबिक ये ठीक उसी तरह है जैसे पशुपालक अपने रहने के लिए मकान बनवाते वक्त हर एंगिल से दिशाओं का ख्याल रखता है. कहां किचिन होगा और किस दिशा में बेडरूम और बॉशरूम. इसी तरह से पशुओं के लिए शेड बनवाते वक्त भी दिशाओं का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है.
पशु जिस नांद में भूसा और चारा खाते हैं तो उसकी भी लम्बाई-चौड़ाई और किस दिशा में बनी है इसका खास ख्याल रखना चाहिए. एनिमल शेड अगर एक्सपर्ट की मदद से बनवाया जाए तो उसमे पशुओं को उन्हें आराम मिलेगा, वो उसमे खुश रहेंगे. और जब आराम मिलेगा और तनाव मुक्त रहेंगे तो उनका दूध उत्पादन भी बढ़ेगा. इसलिए शेड ऐसा होना चाहिए कि पशुओं को शेड के अंदर घूमने-फिरने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
लंबाई (Length)
उत्तर-दक्षिण (North-South) यह दिशा शेड की लंबाई के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है.
चौड़ाई (Width)
पूर्व-पश्चिम (East-West) यह दिशा शेड की चौड़ाई के लिए अच्छी मानी जाती है.
स्थानीय जलवायु, भू-आकृति और उपलब्ध जगह के मुताबिक शेड की दिशा में हल्का बदलाव किया जा सकता है, लेकिन शेड की लंबाई उत्तर-दक्षिण और चौड़ाई पूर्व-पश्चिम में रखना सबसे अच्छा माना जाता है.
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