Fodder-Water: बरसात में हरा चारा और पीने का पानी भी पशुओं को करता है बीमार, जानें कैसे

Fodder-Water: बरसात में हरा चारा और पीने का पानी भी पशुओं को करता है बीमार, जानें कैसे

Fodder-Water एनिमल एक्सर्पट का कहना है कि बरसात के मौसम में ही पशुओं को कई तरह की बीमारी होती हैं. दूषित चारा खाने से, दूषित पानी पीने से भी पशु बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. खुरपका-मुंहपका, थनेला समेत और तमाम बीमारियां भी इस मौसम में पशुओं को अपने चपेट में ले लेती हैं. लेकिन समय-समय पर पशुओं को टीके लगवाते रहेंगे तो पशु बीमारी की चपेट में नहीं आएंगे.

पोषण का खजाना है यह घासपोषण का खजाना है यह घास
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Jul 28, 2026,
  • Updated Jul 28, 2026, 2:49 PM IST

बरसात के मौसम में कदम-कदम पर पशुओं और साथ में पशुपालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. संक्रमण वाली बीमारियां पशुओं को चपेट में लेना शुरू कर देती हैं. पशु बीमार होने के साथ ही तनाव में आ जाते हैं. पशुओं का उत्पादन कम हो जाता है. पशुपालक की लागत बढ़ जाती है. एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो पशुओं को दिया जाने वाला हरा चारा और पीने का पानी भी बरसात के दिनों में पशुओं को बीमार कर देता है. हरा चारा खि‍लाने और पानी पिलाने में जरा सी चूक हुई नहीं कि पशु कई तरह की बीमारी की चपेट में आ जाता है. 

क्योंकि बारिश के मौसम में खेत, बाग और जंगलों में चारों तरफ हरा चारा खूब उगता है. जगह-जगह खुले मैदानों में पानी भर जाता है. और यही हरा चारा और खुले में भरा प्रदूषि‍त पानी मॉनसून के मौसम में बीमारी की सबसे बड़ी जड़ बनते हैं. इसलिए इस मौसम में चारा खिलाने और पानी पिलाने के दौरान खासी सावधानियां बरतनी चाहिए.

पशुओं को न पिलाएं खुला पानी 

हरियाणा पशुपालन विभाग के डॉ. जयदीप यादव ने किसान तक को बताया कि बरसात के चलते जगह-जगह पानी भर जाता है. खासतौर पर गांवों की पोखर और तालाब में. लेकिन इसके साथ ही बरसात के इस पानी में कई तरह के कीटाणु पनपने लगते हैं. मच्छर भी जमा हुए पानी पर लार्वा छोड़ने लगते हैं. और जब हमारा पशु इस पानी को पीता है तो वो बीमार पड़ जाता है. 

इसलिए खासतौर पर बरसात के दिनों में पशुओं को खुले में पानी न पिलाएं. हमेशा से ताजा पानी बाल्टी या किसी और बर्तन में लेकर ही पिलाएं. पानी घर पर ही पिलाएं. हो सके तो गांव के पोखर और तालाब में बारिश का पानी जमा न होने दें. अगर पानी जमा भी हो जाए तो उसमे लाल दवा मिला दें.

एक्सपर्ट के मुताबिक ही दें हरा चारा

डॉ. जयदीप यादव का कहना है कि इस मौसम में पशुओं के हरे चारे पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है. इस मौसम के हरे चारे पर नमी बहुत होती है. इसके चलते कई तरह के कीड़े हरी पत्तियों और तने पर आकर बैठ जाते हैं. हरे चारे में इस दौरान पानी बहुत होता है. ज्यादा हरा चारा खाने से पशुओं को डायरिया भी हो सकता है. मुमकिन हो तो हरा चारा काटकर और उसे थोड़ा सा सुखाकर ही पशुओं को खिलाएं.    

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