Fish Cage Culture in Budget 2026: मछली पालन में इस तकनीक के लिए हुआ बड़ा ऐलान, ये रही डिटेल 

Fish Cage Culture in Budget 2026: मछली पालन में इस तकनीक के लिए हुआ बड़ा ऐलान, ये रही डिटेल 

Fish Cage Culture in Budget 2026 केज कल्चर तकनीक की मदद से मछली पालन करने के लिए केन्द्र सरकार प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत केज बनाने के लिए 40 से 60 फीसद तक की सब्सिडी दे रही है. यहां तक की केज की मरम्मत के लिए भी मदद दी जा रही है.  

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 01, 2026,
  • Updated Feb 01, 2026, 12:59 PM IST

बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मछली पालकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. वित्त मंत्री ने मछली पालकों को राहत देते हुए केज कल्चर को बढ़ावा देने की बात कही है. उनका कहना है कि देश के 500 जलाशयों का विकास किया जाएगा. ये वो जलाशय होंगे जहां केज कल्चर तकनीक पर मछली पालन करना संभव होगा. इतना ही नहीं मछली पालन करने वाले किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की व्यवस्था भी इस साल की जाएगी. जिससे वो अपना प्रोडक्ट आसानी से बेचकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा सकें.

गौरतलब रहे देश में कोयले और दूसरे खनिजों की बंद सतही खदान, बैराज और दूसरे ऐसे जलाशय हैं जहां साल के 12 महीने पानी भरा रहता है. अगर इनके साइज की बात करें तो ये जगह लाखों हेक्टेयर में है. इन्हीं जलाशयों में केज कल्चर तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे जहां रोजगार बढ़ रहा है वहीं मछली पालन पर लागत भी कम हो रही है. 

देश में यहां इस्तेमाल हो रही केज तकनीक 

केन्द्रीय मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश के 21 राज्यों में केज तकनीक की मदद से मछली पालन किया जा रहा है. इसके लिए केन्द्र सरकार की ओर से 1629 करोड़ रुपये की सब्सि डी दी गई है. 21 राज्यों में 55118 केज बनाए गए हैं. जिन राज्यों में सबसे ज्यादा केज का इस्तेमाल किया जा रहा है उसमे महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और झारखंड है.

केज के लिए कहां-कितने जलाशय 

केन्द्रीय मंत्रालय के आंकड़ों पर जाएं तो देशभर के जलाशयों में करीब 35 लाख हेक्टेयर जगह ऐसी है जहां केज तकनीक की मदद से मछली पालन किया जा सकता है. खासतौर से ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में इसे बढ़ावा देकर मछली पालन से आजीविका और इनकम में बढ़ोतरी की जा सकती है. 

मध्य प्रदेश 601,604
कर्नाटक 485,662
राजस्थान 400,298
गुजरात 347,875
उत्तर प्रदेश 334,840
महाराष्ट्र 229,591
ओडिशा 200,379
तेलंगाना 191,000
तमिलनाडु 127,952
झारखंड 115,514

नोट- आंकड़े हेक्टेयर में हैं. 

केज कल्चर में ऐसे होता है मछली पालन 

  • एक केज बनाने पर तीन लाख रुपये की लागत आती है. 
  • केज निर्माण के लिए केन्द्र और राज्य दोनों सरकार मदद कर रही हैं.  
  • केज के लिए जनरल कैटेगिरी को 40 फीसद यानि 1.20 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है. 
  • केज के लिए रिजर्व कैटेगिरी को 60 फीसद यानि 1.80 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है. 
  • एक व्यक्ति  को अधिकतम पांच केज के लिए मदद दी जाती है. 
  • कम से कम 10 सदस्यों वाले समूह को 20 केज के लिए मदद दी जाती है. 
  • जहां केज लगाया जाना है उस जलाशय में पानी की गहराई पूरे साल आठ मीटर रहनी चाहिए. 
  • जलाशय में मछली पालन के लिए राज्य और संघ राज्य क्षेत्र की अनुमति लेना जरूरी है. 
  • अगर विदेशी मछली प्रजातियां रहे हैं तो उसके लिए सरकारी अनुमोदन लेना जरूरी है.
  • केज पर सब्सिडी लेने के लिए लाभार्थी को तकनीकी, वित्तीय और परिणाम-आधारित जानकारी के साथ प्रस्ताव जमा करना होगा.  

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