MP में दूध क्रांति की तैयारी! NDDB से करार, 1 लाख गिर बछिया और युवाओं के लिए नया रोडमैप

MP में दूध क्रांति की तैयारी! NDDB से करार, 1 लाख गिर बछिया और युवाओं के लिए नया रोडमैप

मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने की तैयारी तेज हो गई है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए NDDB के साथ एमओयू किया गया है और हर साल 1 लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना जल्द शुरू होगी.

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • Aug 24, 2026,
  • Updated Aug 24, 2026, 5:52 PM IST

मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दूध उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और सरकार पशुपालकों को बेहतर नस्ल, तकनीक और बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है.

भोपाल के रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश युवा आयोग द्वारा आयोजित कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, किसानों, कृषि स्टार्टअप प्रतिनिधियों और कृषि क्षेत्र में नवाचार कर रहे युवाओं से संवाद किया.मुख्यमंत्री ने युवाओं को खेती और पशुपालन को पारंपरिक काम के बजाय आधुनिक और लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया.

NDDB के साथ एमओयू, दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ एमओयू किया गया है. सरकार का लक्ष्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना है.

उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों से किसानों को अब दूध के दाम पहले की तुलना में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलने लगे हैं.साथ ही प्रदेश में हर साल एक लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना जल्द लागू की जाएगी.इससे उन्नत नस्ल के पशुओं की उपलब्धता बढ़ेगी और दूध उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा.पशुपालकों को उन्नत नस्ल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना भी शुरू की है.

युवाओं को कृषि के साथ पशुपालन से जोड़ने पर जोर

कृषि नवाचार संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि सिर्फ एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय किसान और युवा बहुफसलीय खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और मुर्गी पालन को भी आय के स्रोत के रूप में अपनाएं.

उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं है. किसान उत्पादन के साथ वेयरहाउस, पॉलीहाउस, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यम शुरू करके अपनी आय के नए रास्ते तैयार कर सकते हैं.

जिलों और संभागों में भी होंगे कृषि नवाचार संवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अब जिला और संभाग स्तर पर कृषि नवाचार संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों के जरिए कृषि विद्यार्थियों, किसानों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और कृषि उद्यमियों को एक मंच पर लाने की कोशिश होगी.

संवाद के दौरान उद्यानिकी फसलों, मशरूम, मोती उत्पादन, एवाकाडो, सोना मोती गेहूं, पॉलीहाउस, मधुमक्खी पालन और कृषि तकनीक आधारित एप जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई.

खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना है.इसके लिए आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक और जैविक खेती, कृषि यंत्रों के उपयोग, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है.

उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग करने का आह्वान किया.मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अपने परिवार का पालन-पोषण नहीं करता, बल्कि खेती के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और आजीविका भी उपलब्ध कराता है.

 

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