Potato Rate Crisis: यूपी में आलू के ये 10 करोड़ पैकेट भी किसानों के ही हैं, जानें क्या है मामला

Potato Rate Crisis: यूपी में आलू के ये 10 करोड़ पैकेट भी किसानों के ही हैं, जानें क्या है मामला

Potato Rate Crisis यूपी में आलू को लेकर सियासत तेज हो गई है. वहीं आलू किसान पर दोराहे पर खड़े हैं. करोड़ पैकेट आलू के कोल्ड स्टोरेज में भरे पड़े हैं. किसानों को बाजार में आलू के सही दाम नहीं मिल रहे हैं. मुनाफा तो छोडि़ए आलू की लागत मिलना मुश्किल हो गया है. किसान कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू का भाड़ा तक नहीं दे पा रहे हैं.

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Aug 20, 2026,
  • Updated Aug 20, 2026, 3:42 PM IST

यूपी में आलू के ऐसे बुरे दिन आए कि आज उसकी लागत मिलना भी मुश्किल हो गया है. आलू के करोड़ों पैकेटे कोल्ड स्टोरेज में रखे हैं, लेकिन कोई लेवाल नहीं है. चिप्स बनाने वाले आलू को छोड़ दें तो हाईब्रि ड आलू को कोई पूछने को भी तैयार नहीं है. जिस आलू की लागत प्रति किलो 5 से 6 रुपये किलो आती है आज उसके एक से डेढ़ रुपये किलो मिल रहे हैं. कोल्ड में रखे आलू का भाड़ा निकालना तक मुश्किल हो रहा है. जानकारों के मुताबिक अभी भी कोल्ड में आलू के करीब 30 करोड़ पैकेट रखे हैं. एक पैकेट का वजन 50 किलो है. हालांकि यूपी सरकार ने आलू किसानों के लिए राहत का ऐलान कर दिया है. 

लेकिन उसे लेकर भी किसानों की कुछ डिमांड है. किसानों के 20 करोड़ पैकेट को तो राहत मिल जा रही है, लेकिन बाकी बच रहे करीब 10 करोड़ पैकेट के बारे में कोई पूछने वाला नहीं है. किसानों का कहना है कि बाकी बच रहे आलू के 10 करोड़ पैकेट भी हमारे ही हैं, हमने यूपी की जमीन पर ही इन्हें उगाया है. इसलिए न सिर्फ इन 10 करोड़ पैकेट का बल्कि जो छह से सात करोड़ पैकेट आलू कोल्ड स्टोरेज से निकालकर बेचा जा चुका है उस पर भी सरकार राहत दे. 

पंजाब-हिमाचल का आलू न आए यूपी

प्रगतिशील आलू किसान भंवरपाल सिंह का कहना है कि आलू किसान के साथ आज जो हो रहा है ऐसा तो जिंदगी में कभी नहीं हुआ. कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा तक आलू किसान नहीं दे पा रहे हैं. अभी करीब 30 करोड़ पैकेट आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ है. दो-तीन महीने बाद और आलू बाजार में आ जाएगा. अगर पंजाब और हिमाचल प्रदेश का आलू रोक दिया जाए तो फिर यूपी के आल किसान का कुछ भला हो सकता है.

वर्ना तो यूपी में अभी इतना आलू रखा है कि उसके जनवरी तक भी बिकने के आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं. वहीं सरकार की ओर से दी जा रही राहत की बात तो ऐसी है कि सरकार को कोल्ड में जितना आलू रखा है उस पर और इससे पहले जो 5-6 करोड़ पैकेट आलू निकल गया उस पर भी राहत देनी चाहिए. वहीं नए साल से आलू की कोल्ड से निकासी की आखि‍री तारीख 31 अक्टूबर कर देनी चाहिए. 

नाकाफी हैं सरकार के एक हजार करोड़

आलू उत्पादक और किसान नेता आमिर चौधरी का कहना है कि यूपी सरकार ने एक रुपये प्रति किलो आलू की जो राहत दी है और जिसके चलते एक हजार करोड़ रुपये जारी करने की बात कही है वो तो आलू के 20 करोड़ पैकेट पर ही खर्च हो जाएंगे. अब बचे करीब 10 करोड़ पैकेट वाले किसान कहां जाएंगे. उन्हें उनके आलू पर कौन राहत देगा. 

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