Analog Paneer: AIIMS की डॉ. पिंकी बोलीं खा सकते हैं एनालॉग पनीर, लेकिन ध्यान रखें ये बात 

Analog Paneer: AIIMS की डॉ. पिंकी बोलीं खा सकते हैं एनालॉग पनीर, लेकिन ध्यान रखें ये बात 

Analog Paneer फूड सेफ्टी से जुड़ी राज्यों की अपनी एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं. इसी कार्रवाई के तहत ही करीब 6 राज्यों में एनालॉग पनीर को बैन किया जा चुका है. लेकिन एनालॉग पनीर को बैन करने की वजह नहीं बताई जा रही है. जबकि एक्सपर्ट का कहना है कि एनालॉग पनीर खाया जा सकता है. 

Maharashtra Analog Paneer BanMaharashtra Analog Paneer Ban
नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Aug 24, 2026,
  • Updated Aug 24, 2026, 3:22 PM IST

एनालॉग पनीर को लेकर देश में एक नई बहस छिड़ी हुई है. अब तक एक के बाद एक करीब 6 राज्य एनालॉग पनीर को अपने यहां बैन कर चुके हैं. मतलब न बनेगा और ना ही बिकेगा. बैन करने जैसा बड़ा  कदम क्यों लिया गया है ये अभी तक किसी भी राज्य ने साफ नहीं किया है. बस धड़ाधड़ एनालॉग पनीर को बैन किए जा रहे हैं. हालांकि कुछ वक्त पहले फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) एनालॉग पनीर बनाने और बेचने को लेकर एक गाइड लाइन जारी कर चुका है. 

अगर कोई उसका उल्लघंन करता है तो उस पर FSSAI नियम-कानून के तहत कार्रवाई करेगा. बावजूद इसके राज्यों में एनालॉग पनीर को बैन किया जा रहा है. जबकि वीगन वर्ग डेयरी पनीर को ना खाकर एनालॉग पनीर ही खाता है. वीगन वो वर्ग है जो एनिमल प्रोडक्ट के इस्तेमाल से परहेज करता है. हालांकि दिल्ली एम्स की डायटीशि‍यन का कहना है सावधानी बरतते हुए ही एनालॉग पनीर का इस्तेमाल करना चाहिए.  

क्या कहती हैं एम्स की डॉ. पिंकी दलाल

दिल्ली एम्स में डायटीशि‍यन के पद पर तैनात डॉ. पिंकी दलाल ने किसान तक को बताया कि खाने की कोई भी चीज हो, उसे खाने का एक तरीका है. कब और कितनी मात्रा में लेनी है ये बहुत जरूरी होता है. इसी तरह से पनीर के साथ है. अगर हम दूध से बना पनीर भी खा रहे हैं तो उसे ज्यादा नहीं खा सकते हैं. क्योंकि अगर हमारे शरीर को अगर 50 ग्राम प्रोटीन की जरूरत है, और हमने इतना ज्यादा पनीर खा लिया कि शरीर में 70 ग्राम प्रोटीन पहुंच गया तो वो भी नुकसान दायक है. 

इसी तरह से एनालॉग पनीर जो है वो पाम आयल, सोया मिल्क, स्टार्च आदि चीजों को मिलाकर बनता है. पाम आयल की वजह से एनालॉग पनीर में फैट की मात्रा ज्यादा हो जाती है. इसलिए सलाह दी जाती है कि एनालॉग पनीर बहुत थोड़ा ही खाएं. 

क्या हैं FSSAI के नियम-कानून

एनालॉग पनीर के बारे में  FSSAI के नियम साफ हैं. FSSAI का कहना है कि जो भी एनालॉग पनीर बेच रहा है तो उसे साफ-साफ बताना होगा. जैसे अगर एनालॉग पनीर पैकेट में बेचा जा रहा है तो उस पर लिखना होगा कि ये एनालॉग पनीर है. अगर खुले में बेचा जा रहा है तो दुकान पर लिखना होगा कि एनालॉग पनीर बेचा जा रहा है. वहीं अगर किसी होटल या रेस्टोरेंट में एनालॉग पनीर खि‍लाया जा रहा है तो ऑर्डर लेते वक्त ग्राहक को बताना होगा कि हम आपको जो परोस रहे हैं वो एनालॉग पनीर है.  

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