चंबा के पांगी में बादल फटने से भारी तबाही, मटर की फसल और संपर्क मार्ग को नुकसान

चंबा के पांगी में बादल फटने से भारी तबाही, मटर की फसल और संपर्क मार्ग को नुकसान

चंबा के पांगी क्षेत्र के घिसल धार में बादल फटने से घिसल और हिलौर नालों में अचानक बाढ़ आ गई. भारी बारिश के कारण साच–सैचू संपर्क मार्ग कई जगह बंद हो गया और किसानों की मटर की फसल को बड़ा नुकसान पहुंचा. प्रशासन ने राहत और बहाली कार्य शुरू कर दिया है, हालात पर नजर बनी हुई है.

Advertisement
चंबा के पांगी में बादल फटने से भारी तबाही, मटर की फसल और संपर्क मार्ग को नुकसानचंबा में बादल फटने से मची तबाही

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र चंबा के पांगी क्षेत्र में मानसून की पहली ही बरसात ने भारी तबाही मचा दी. पांगी के घिसल धार इलाके में बादल फटने की घटना सामने आई है, जिसके बाद घिसल नाले और हिलौर नाले में अचानक तेज बाढ़ आ गई. पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा और पत्थर बहकर नीचे की ओर आ गए, जिससे पूरा इलाका प्रभावित हो गया.

साच-सैचू संपर्क मार्ग कई जगह बंद

इस तेज बारिश और बाढ़ का सबसे ज्यादा असर सड़कों पर देखने को मिला है. कुठल से हिलौर गांव तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण जगह-जगह मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर जमा हो गए हैं. इसके चलते साच–सैचू वैली संपर्क मार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह बंद हो गया है. रास्ता बंद होने से स्थानीय लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है.

किसानों की मटर की फसल को भारी नुकसान

इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. घिसल, कुठल और हिलौर गांवों में खेतों में तैयार खड़ी मटर की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई जगह खेतों में पानी भर गया है और मलबा जमा हो गया है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत खराब हो गई है. ग्रामीणों का कहना है कि इस नुकसान से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है.

समय रहते टला बड़ा हादसा

हालांकि इस घटना में राहत की बात यह रही कि जब बादल फटा और बाढ़ आई, उस समय सड़क पर चलने वाली सभी बसें और अन्य वाहन पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंच चुके थे. इसके अलावा हिलौर गांव के छात्र भी समय पर स्कूल पहुंच गए थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.

प्रशासन मौके पर, राहत और बचाव कार्य शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया. पांगी प्रशासन ने नायब तहसीलदार और पटवारी को मौके पर भेजकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है. वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम ने मशीनें लगाकर सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि संपर्क मार्ग को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके.

जल्द बहाली की कोशिश, लोग राहत की मांग कर रहे हैं

प्रशासन का कहना है कि कोशिश की जा रही है कि साच–सैचू मार्ग को देर शाम तक यातायात के लिए खोल दिया जाए. फिलहाल पूरे क्षेत्र में नुकसान का आकलन जारी है और हालात पर नजर रखी जा रही है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत और मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपनी खेती और जीवन को संभाल सकें. (विशाल आनंद का इनपुट)

ये भी पढ़ें: 

Dry Fish: बरसात में भी साइंटीफिक तरीके से सूखेंगी मछलियां, ये है खास तरीका
पारंपरिक खेती छोड़ मिर्च की खेती अपनाई, 2 बीघा में ₹2.5 लाख कमाकर किसान बना मिसाल

POST A COMMENT