जुलाई में सामान्य से कम बारिश की संभावना, IMD ने दी गर्मी-उमस और सूखे की चेतावनी

जुलाई में सामान्य से कम बारिश की संभावना, IMD ने दी गर्मी-उमस और सूखे की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई 2026 के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस बार बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है, जो LPA के 94% से भी नीचे हो सकती है. जून में 39% बारिश की कमी के बाद देश में जल संकट का खतरा बढ़ गया है. कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने, उमस बढ़ने और मॉनसून के देरी से पहुंचने की बात कही गई है. दिल्ली-NCR में अगले 2-3 दिनों में मॉनसून पहुंच सकता है, जबकि तेलंगाना समेत कई राज्यों में बारिश का पैटर्न असमान रहने की संभावना है.

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जुलाई में सामान्य से कम बारिश की संभावना, IMD ने दी गर्मी-उमस और सूखे की चेतावनीजुलाई में कम होगी बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जुलाई महीने के लिए पूर्वानुमान जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि जुलाई में बारिश सामान्य से कम होगी, जो 'लॉन्ग पीरियड एवरेज' (LPA) के 94% से भी कम हो सकती है. पूरे देश में औसत मासिक बारिश सामान्य से नीचे होने की अधिक संभावना है. 1971–2020 के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में औसतन 280.4 mm बारिश होती है और यह मॉनसून का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना माना जाता है. देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है.

IMD ने आने वाले हफ्ते के लिए गर्मी और ज्यादा उमस को लेकर भी चेतावनी जारी की है. जून का महीना देश भर में 40% कम बारिश के साथ खत्म हुआ. मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून 10 दिन देरी से पहुंचा है. दिल्ली-NCR में अगले 2-3 दिनों में मॉनसून के पहुंचने की संभावना है. IMD ने पानी की कमी (water stress) के जोखिम के बारे में आगाह किया है और कम पानी वाली फसलें उगाने की सलाह दी है.

जून में 39 फीसद कम बारिश

मौसम विभाग ने बताया है, जून में देश में मॉनसून में 39 परसेंट बारिश की कमी देखी गई. मध्य प्रदेश में 50 प्रतिशत बारिश की कमी हुई. साल 2026 का जून सबसे कम बारिश होने वाला पांचवां साल बन गया है. 126 सालों में पांचवीं बार सबसे कम बारिश जून के महीने में हुई. 1901-2026 के बीच 1905, 1926, 2009, 2014, 2026 वे साल रहे जब जून महीने में कम बारिश हुई. साल 2009 में सबसे कम बारिश हुई थी जो कि अल नीनो साल था.

IMD ने कहा है कि उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है. IMD में मौसम विज्ञान के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने एक बयान में कहा, "जुलाई के दौरान, देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, सिवाय उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों के, जहां सामान्य या उससे ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है."

2-3 दिनों में दिल्ली पहुंचेगा मॉनसून

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली में मॉनसून दस्तक देगा. मौसम विभाग के मुताबिक मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है और इसने गुजरात, मध्य प्रदेश, यूपी, दमन के कई हिस्सों को पार किया है. अगले दो से तीन दिनों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली में मॉनसून दस्तक दे सकता है.

IMD के वैज्ञानिक श्रीनिवास ने बताया कि इस साल तेलंगाना में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून असामान्य रूप से धीमी गति से आगे बढ़ा है और आने वाले दिनों में भी बारिश छिटपुट ही रहने की संभावना है.

इंडिया टुडे से बात करते हुए श्रीनिवास ने कहा कि मॉनसून ने लगभग 8 जून को तेलंगाना में प्रवेश किया था, लेकिन राज्य के सभी 33 जिलों तक पहुंचने में इसे 15 दिन से ज्यादा का समय लगा, जबकि आमतौर पर इसमें दो से पांच दिन ही लगते हैं.

उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में फैलने के बाद भी मॉनसून सिस्टम मध्य प्रदेश की ओर धीमी गति से बढ़ा, जिसके कारण तेलंगाना में बारिश सामान्य से कम और असमान रही.

उन्होंने कहा, "बारिश पूरे राज्य में होने के बजाय केवल कुछ ही जिलों में हो रही है. आमतौर पर, जब मॉनसून पूरी तरह सक्रिय होता है, तो 15 से 20 जिलों में भारी बारिश होती है, लेकिन इस साल बारिश का पैटर्न छिटपुट रहा है."

तेलंगाना में भारी बारिश की चेतावनी

IMD ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. शनिवार को आदिलाबाद, कुमुराम भीम आसिफाबाद, मंचिरियल, संगारेड्डी, विकाराबाद और महबूबनगर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि हैदराबाद में शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच मध्यम बारिश हो सकती है और एक-दो जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है.

श्रीनिवास ने बताया कि रविवार को उत्तरी तेलंगाना के ज्यादातर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. हालांकि, तीसरे दिन से बारिश की गतिविधि कमजोर पड़ने की उम्मीद है और चौथे व पांचवें दिन के लिए भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है.

उन्होंने आगे कहा कि उत्तरी जिलों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है, जबकि मध्य और दक्षिणी तेलंगाना में केवल हल्की बारिश या मौसम के शुष्क रहने की संभावना है.(अनमोल बाली और आशुतोष मिश्रा का इनपुट)

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