आज का मौसमदेश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब तेजी से सक्रिय हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि अगले दो दिनों में मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के अन्य इलाकों तक आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. वहीं, 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके असर से मध्य भारत में अगले 5 से 6 दिनों तक बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी.
IMD ने दक्षिण गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के लिए अत्यधिक से लेकर बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई राज्यों में गरज-चमक, 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर जलभराव, भूस्खलन और फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर धूलभरी आंधी चल सकती है.
वहीं, मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में व्यापक बारिश की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा रहेगा. इधर, पूर्वी भारत में ओडिशा, झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. ओडिशा और बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं.
पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित रहेंगे. इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. सौराष्ट्र-कच्छ में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी.
वहीं, दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अलग-अलग स्थानों पर बारिश होगी. तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा.
इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
दिल्ली-एनसीआर के लिए 2 जुलाई राहत भरा दिन रहने की संभावना है. आसमान में पूरे दिन बादल छाए रहेंगे और सुबह से लेकर रात तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे गर्मी में उल्लेखनीय कमी आएगी.
3 जुलाई को भी बादल छाए रहेंगे और एक-दो दौर की हल्की बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है. तेज हवाएं 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. 4 जुलाई को भी मौसम लगभग ऐसा ही रहेगा और हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी. IMD ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने, बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें ताकि धान की नर्सरी, मक्का, दालों, सब्जियों और बागवानी फसलों में जलभराव न हो. जहां बहुत भारी बारिश का अनुमान है, वहां नई बुवाई और रोपाई को मौसम सामान्य होने तक टालना बेहतर रहेगा.
मूंग, उड़द, मक्का और अन्य तैयार फसलों की कटाई और मड़ाई जल्द पूरी कर सुरक्षित और सूखी जगह पर भंडारण करें. खेत में रखी उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो.
केला, गन्ना, पपीता और अन्य ऊंची फसलों को सहारा दें, ताकि तेज हवाओं से गिरने का खतरा कम हो. सब्जियों और फलदार पौधों में भी आवश्यक सहारा और निकासी की व्यवस्था बनाए रखें.
पशुपालक मवेशियों को खुले में न छोड़ें. उन्हें सुरक्षित शेड में रखें, चारा और पशु आहार को सूखी जगह पर संग्रहित करें और साफ पेयजल उपलब्ध कराएं. मत्स्य पालक तालाबों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें ताकि तेज बारिश के दौरान मछलियां बहकर बाहर न निकलें.
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