पढ़िए लखनऊ की महिला किसान वंदना की प्रेरणादायक स्टोरी, गांव-गांव में पहुंचा रही शुद्ध सरसों का तेल...

पढ़िए लखनऊ की महिला किसान वंदना की प्रेरणादायक स्टोरी, गांव-गांव में पहुंचा रही शुद्ध सरसों का तेल...

Inspirational Story: वंदना यादन की कहानी यह बताती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो, तो छोटी शुरुआत से भी बड़ा काम खड़ा किया जा सकता है. आज वह खुद भी आत्मनिर्भर हैं और अपने साथ कई महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका दे रही हैं.

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पढ़िए लखनऊ की महिला किसान वंदना की प्रेरणादायक स्टोरी, गांव-गांव में पहुंचा रही शुद्ध सरसों का तेल... लखनऊ की वंदना यादव। फोटो - साभार सोशल मीडिया

सफलता हर कोई पाना चाहता है. लेकिन इसके लिए मेहनत, परिश्रम, धैर्य, बल, आत्मविश्वास, जैसी कई चीजें व्यक्ति में होनी चाहिए. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के जरिए कई महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहीं हैं. आज हम बात करेंगे एक ऐसी ही एक मिसाल है यूपी की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज की वंदना यादव की, जिन्होंने इस योजना के तहत 5 लाख रुपये का लोन लेकर अपनी ऑयल मिल स्थापित की और आज अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं हैं. वंदना ने बताया कि कुछ अलग कर दिखाने की सोच ने हमेशा आगे बढ़ने में मदद की. उन्होंने कहा कि समाज के बहुत सारी ग्रामीण महिलाओं को सिर्फ आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना चाहती थीं, बल्कि और लोगों की भी मदद करना चाहती हैं.

पति के साथ मिलकर ऑयल मिल की स्थापना

वंदना यादव बताती हैं कि उन्होंने राज्य सरकार की सीएम युवा योजना के तहत ऋण प्राप्त कर अपने उद्यम की शुरुआत की. उन्हें इस योजना के माध्यम से वित्तीय सहायता के साथ आवश्यक मार्गदर्शन भी मिला. उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया से ऋण लेकर अपने पति के साथ मिलकर ऑयल मिल की स्थापना की. यहां सरसों के शुद्ध तेल का उत्पादन किया जा रहा है और उन्होंने अपने उत्पाद का एक ब्रांड भी लॉन्च किया है.

आसपास के गांवों में हो रहा सरसों के तेल की सप्लाई

मोहनलालगंज के गांव मजरा खुजेहटा में वंदना ने ऑयल मिल लगाई और वर्तमान में इससे तैयार सरसों का तेल आसपास के कई गांवों और जिलों में पहुंच रहा है. इस उद्यम के जरिए उन्होंने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं. उनके इस प्रयास से क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है.

महिला उद्यमिता को मिल रही नई पहचान

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. योजना के पहले चरण में पात्र युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है. समय पर ऋण चुकाने पर दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक के ऋण की व्यवस्था भी की गई है. राज्य सरकार का लक्ष्य हर वर्ष एक लाख नए उद्यमी तैयार करना है. वंदना यादन की कहानी यह बताती है कि अगर हिम्मत और मेहनत हो, तो छोटी शुरुआत से भी बड़ा काम खड़ा किया जा सकता है. आज वह खुद भी आत्मनिर्भर हैं और अपने साथ कई महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें भी आगे बढ़ने का मौका दे रही हैं.

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