
किसानों को उन्नत एवं गुणवत्तापूर्ण सब्जी बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. संस्थान ने अपनी विकसित नौ उन्नत सब्जी किस्मों के व्यावसायीकरण के लिए दो निजी बीज कंपनियों को लाइसेंस प्रदान किया है. इसका उद्देश्य इन उन्नत किस्मों के बीजों को बड़े स्तर पर किसानों तक पहुंचाना और सब्जी उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देना है.
संस्थान ने रोहित हाइब्रिड सीड प्राइवेट लिमिटेड, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) को आठ सब्जी फसलों की उन्नत किस्मों के व्यावसायिक उत्पादन एवं प्रसार का लाइसेंस दिया है. इनमें मटर की काशी उदय, चौलाई की काशी सुहावनी, पालक की काशी बारामासी, कद्दू की काशी हरित, लौकी की काशी गंगा, तोरई की काशी ज्योति, करेला की काशी प्रतिष्ठा और बाकला की काशी संपदा शामिल हैं.
वहीं इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड, अहमदाबाद (गुजरात) को मूली की उन्नत किस्म काशी आर्द्रा का लाइसेंस प्रदान किया गया है.
IIVR के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि संस्थान द्वारा विकसित ये उन्नत सब्जी किस्में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. निजी क्षेत्र के माध्यम से इन किस्मों का व्यापक प्रसार होने से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से उपलब्ध होंगे और सब्जी उत्पादन में नई तकनीक एवं उन्नत किस्मों का इस्तेमाल बढ़ेगा.
उन्होंने बताया कि काशी उदय मटर की शीघ्र तैयार होने वाली और उच्च उपज देने वाली किस्म है. इसी तरह काशी सुहावनी चौलाई की पौष्टिकता एवं अधिक पत्ती उत्पादन के लिए उपयोगी किस्म है.काशी बारामासी पालक की ऐसी किस्म है, जो वर्षभर खेती के लिए उपयुक्त बताई गई है.
इसके अलावा काशी हरित कद्दू, काशी गंगा लौकी, काशी ज्योति तोरई, काशी प्रतिष्ठा करेला और काशी संपदा बाकला की उच्च उत्पादकता एवं बेहतर गुणवत्ता वाली किस्में हैं.
मूली की काशी आर्द्रा किस्म को भी व्यावसायिक स्तर पर किसानों तक पहुंचाने की तैयारी है.यह किस्म आकर्षक सफेद रंग, समान आकार की जड़ों और बेहतर बाजार गुणवत्ता के लिए जानी जाती है. संस्थान का मानना है कि इस किस्म के व्यावसायिक प्रसार से किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप बेहतर गुणवत्ता वाली मूली का उत्पादन करने में मदद मिलेगी.
लाइसेंस प्रदान करने के अवसर पर रोहित हाइब्रिड सीड प्राइवेट लिमिटेड की ओर से निदेशक संजय कुमार सिंह यादव तथा इंडो यूएस बायो-टेक लिमिटेड की ओर से महाप्रबंधक श्री समर्थ पटेल ने लाइसेंस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए.
कार्यक्रम में फसल उत्पादन विभागाध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनंत बहादुर, फसल संरक्षण विभागाध्यक्ष एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. ए. एन. सिंह, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. राकेश दुबे और डॉ. सुदर्शन मौर्य, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ज्योति देवी एवं डॉ. के. के. गौतम तथा वैज्ञानिक डॉ. विद्या सागर उपस्थित रहे.
संस्थान द्वारा उन्नत किस्मों को निजी बीज कंपनियों को लाइसेंस दिए जाने से इनके बीजों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और वितरण संभव होगा. इससे किसानों तक उन्नत, गुणवत्तापूर्ण और अधिक उत्पादन देने वाली सब्जी किस्मों की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है.साथ ही, सब्जी उत्पादन में उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आमदनी में इजाफा करने में भी इन किस्मों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today