धान बोनस के 50000 रुपये ने बदल दी किसान की किस्मत! खरीदा ट्रैक्टर, अब दोगुनी रफ्तार से होगी खेती

धान बोनस के 50000 रुपये ने बदल दी किसान की किस्मत! खरीदा ट्रैक्टर, अब दोगुनी रफ्तार से होगी खेती

छत्तीसगढ़ की कृषक उन्नति योजना ने सरगुजा के किसान रामसाय की जिंदगी बदल दी. धान बोनस की 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि से ट्रैक्टर खरीदकर उन्होंने खेती को आधुनिक बनाया.अब खेती समय पर हो रही है, लागत घटी है और आय बढ़ने की उम्मीद भी मजबूत हुई है.

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 धान बोनस के 50000 रुपये ने बदल दी किसान की किस्मत! खरीदा ट्रैक्टर, अब दोगुनी रफ्तार से होगी खेती

छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने वाले किसानों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अब खेती के आधुनिकीकरण का आधार बन रही है. किसान इस राशि का उपयोग ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, सिंचाई सुविधाओं और अन्य आधुनिक संसाधनों की खरीद में कर रहे हैं, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक, समयबद्ध और लाभकारी बन रही है.

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना भी है. यही कारण है कि योजना का लाभ लेने वाले किसान तेजी से कृषि मशीनीकरण की ओर बढ़ रहे हैं.

धान बोनस से खरीदा ट्रैक्टर

सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के ग्राम चकेरी निवासी किसान रामसाय इस योजना की सफलता की मिसाल बनकर सामने आए हैं.उनके पास लगभग 3.5 एकड़ कृषि भूमि है. इस वर्ष उन्होंने अपनी 69 क्विंटल धान की उपज समर्थन मूल्य पर सहकारी समिति में बेची, जिसके बाद उन्हें कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई.

रामसाय ने इस राशि में अपनी बचत जोड़कर ट्रैक्टर खरीद लिया.उनका कहना है कि इस फैसले ने उनकी खेती का पूरा स्वरूप बदल दिया है.

अब नहीं लेनी पड़ती किराये की मशीन

रामसाय बताते हैं कि पहले खेत की जुताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए उन्हें ट्रैक्टर किराये पर लेना पड़ता था. कई बार समय पर ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण बुवाई और अन्य कृषि कार्य प्रभावित होते थे, जिससे उत्पादन और आय दोनों पर असर पड़ता था.

अब अपना ट्रैक्टर होने से जुताई, बुवाई और अन्य सभी कृषि कार्य समय पर पूरे हो रहे हैं. इससे श्रम लागत कम हुई है, समय की बचत हो रही है और खेती पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बन गई है.

कृषि मशीनीकरण से बढ़ रही किसानों की आय

प्रदेशभर में बड़ी संख्या में किसान कृषक उन्नति योजना से मिली प्रोत्साहन राशि का उपयोग ट्रैक्टर, पावर टिलर, कृषि यंत्र और सिंचाई संसाधनों की खरीद में कर रहे हैं.इससे खेती की लागत घट रही है और उत्पादकता बढ़ रही है.

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग से श्रम पर निर्भरता कम होती है, समय की बचत होती है और खेती अधिक लाभदायक बनती है. यही वजह है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं.

किसानों में बढ़ा आत्मविश्वास

रामसाय का कहना है कि कृषक उन्नति योजना से मिली प्रोत्साहन राशि ने उन्हें आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने का अवसर दिया. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है और वे आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

कृषक उन्नति योजना आज छत्तीसगढ़ में कृषि मशीनीकरण, उत्पादकता वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि किसानों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और आधुनिक खेती की ओर बढ़ने का मजबूत आधार बनती जा रही है.

 

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