दंतेवाड़ा के किसान तुलसीराम मौर्य ने प्राकृतिक खेती अपनाकर खेतों की उर्वरता बढ़ाई है. अब उनकी खेती की लागत घटने और उत्पादन से बढ़िया फायदा हो रहा है. वे श्री विधि से कुटकी, कोसरा, रागी और सब्ज़ियों की सफल खेती कर रहे हैं. पढ़ें उनकी सफलता की कहानी...
छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 14 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनसे एक लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंचाई नेटवर्क विस्तार, भूजल सुधार और पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई.
कांकेर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिलाओं ने गेंदा फूल की खेती शुरू कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है. बैंक से लोन और गेंदे की खेती की ट्रेनिंग लेकर महिलाएं अब घर के कामों के साथ-साथ आमदनी भी कमा रही हैं.
छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर के किसान सुखसागर यादव ने सरकारी योजना के तहत जर्सी और साहिवाल क्रॉस गाय पाली है. उन्हें अब 16-18 लीटर दूध रोज़ाना मिल रहा है, जिससे उनकी मासिक 25-30 हजार रुपये हो रही है. जानें आखिर कैसे सरकारी मदद ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी.
‘गौधाम योजना’ से आवारा पशुओं को आश्रय, अवैध परिवहन पर रोक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. योजना में वेतन, चारा सहायता, प्रशिक्षण केंद्र, जैविक खेती और गौ-उत्पाद व्यवसाय को प्रोत्साहन शामिल है.
सीएम विष्णुदेव साय ने वन्यजीव हमलों से पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मानव-हाथी संघर्ष जैसी घटनाओं पर सरकार संवेदनशील है और पीड़ितों को न्यायपूर्ण और त्वरित राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है.
PM-KISAN Scheme की 20वीं किस्त 2 अगस्त को जारी होने जा रही है. इसमें छत्तीसगढ़ के भी लाखों किसानों को 2000 रुपये मिलेंगे. राज्य के कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश के किसानों को ₹553.34 करोड़ मिलेंगे. अब तक प्रदेश के किसानों को ₹9765.26 करोड़ की मदद दी जा चुकी है. योजना से वन पट्टाधारी व विशेष जनजाति के किसान भी फायदा ले रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के उन किसानों के लिए खुशखबरी है जो दाल, तिलहन और मक्का की खेती करते हैं. छत्तीसगढ़ सरकार इन किसानों को लागत सहायता योजना के तहत वित्तीय मदद देगी. इससे किसान दलहन, तिलहन और मक्का की खेती के लिए प्रेरित होंगे.
पीपरचेड़ी सिंचाई परियोजना का काम 45 साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन सरकारी अनदेखी के चलते बंद हो गया था. उस वक्त किसानों में उम्मीद जगी थी कि उनकी सिंचाई की समस्या दूर होगी, मगर ऐसा न हो सका. अब 45 साल बाद मौजूदा सरकार ने केंद्र की मदद से इसे फिर शुरू करने का ऐलान किया है. इससे 5000 किसानों को सीधा लाभ होगा.
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास निर्माण राशि में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच में आरोप सही सामने आने पर 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि दो रोजगार सहायकों को बर्खास्त किया गया है.
छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित इलाका बस्तर बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. ऐसे में सरकार इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है. सरकार नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से गांवों में सोलर पंप लगवा रही है. इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है और ग्रामीणों को हर समय पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है.
छत्तीसगढ़ में धान की कटाई शुरू होने के साथ ही Kharif Season के लिए उपज की बिक्री भी शुरू हो गई है. खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपज की सरकारी खरीद के लिए Farmers Registration कराने की प्रक्रिया चल रही है. राज्य के किसान चालू खरीफ सीजन में उपजाई गई धान और मक्का की सरकारी खरीद में शामिल होने के लिए 31 अक्टूबर तक पंजीकरण करा सकेंगे.
छत्तीसगढ़ के Rural Development में महिलाएं सहभागी बन चुकी हैं. ग्रामीण विकास और Women Empowerment को सुनिश्चित करने में महिलाओं के स्वावलंबन की योजनाओं को एक साथ चलाया जा रहा है. अब गांवों के विकास में गांव की ही महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में महतारी सदन बनाए जाएंगे.
केंद्र की Modi Govt ने Tribal Villages को बेहतर नागरिक सुविधाओं से लैस करने के लिए उन्नत ग्राम अभियान शुरू किया है. छत्तीसगढ़ की आबादी में सबसे ज्यादा 32 फीसदी हिस्सेदारी Scheduled Tribes की है. इसके मद्देनजर उन्नत ग्राम अभियान में सबसे ज्यादा भागीदारी तय करते हुए छत्तीसगढ़ से 6700 जनजातीय गांवों का कायाकल्प किया जाएगा.
'बेकार को आकार' देने की सोच का ही नतीजा हुआ कि छत्तीसगढ़ को राज्य के सबसे बड़े तालाब की सौगात मिल गई. Railway Project के लिए बेकार पड़े एक तालाब को गहरा और चौड़ा करके न केवल राज्य का सबसे बड़ा तालाब बनाया गया, बल्कि इससे ग्राम पंचायत काे खर्च से ज्यादा आमदनी हो गई. ऐसा करके Chhattisgarh Govt ने बेहतर नजीर पेश की है.
छत्तीसगढ़ में Assembly Election 2023 से पहले BJP ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने का वादा किया था. चुनाव के बाद भाजपा की वीडी साय सरकार बनने पर इस वादे को निभाने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है. सरकार ने कृषि सहित 8 विभागों में रिक्त पड़े लगभग 3500 पदों पर भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है.
छत्तीसगढ़ में दूरदराज के Forest areas में तमाम ऐसे Tribal Villages हैं, जिनमें आज भी Health and Education जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने इन इलाकों की पहचान कर इनमें Basic Amenities काे मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से एक नई योजना का आगाज करने का फैसला किया है.
Rural Economy में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के लिए सरकार ने गांव वालों को बैंक की ऑनलाइन सेवाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी गांव की ही महिलाओं को ही सौंपी है. इस काम को कर रही 'बैंक सखी' ग्रामीणों को घर पर ही Online Banking Services मुहैया करा रही हैं. छत्तीसगढ़ की ऐसी ही एक बैंक सखी रीमा गुप्ता 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन करा चुकी हैं.
Drone Technology न केवल खेती किसानी में वरदान साबित हो रही है, वरन गांव की महिलाओं के लिए self employment का साधन भी बन रही है. इसके मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार ने ड्रोन को Women Empowerment का सार्थक टूल बनाया है. राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा.
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के डोड़की गांव की महिलाएं स्वच्छ भारत अभियान की Brand Ambassador बन कर उभरी हैं. राज्य की विष्णु देव साय सरकार ने इस गांव की महिलाओं को Waste Management के गुर सिखाए. इसकी मदद से महिलाओं ने पहले अपने गांव को कचरा मुक्त बनाया और अब कचरा प्रबंधन को हुनर के रूप में इस्तेमाल कर ये महिलाएं अब Family Income बढ़ा रही हैं
केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है. ऐसी ही एक योजना है लखपति दीदी, जिससे छत्तीसगढ़ के सरगुजा की महिलाओं के जीवन में बदलाव आ रहा है. इन महिलाओं ने बताया कि वे योजना के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं हैं, जिससे उन्हें काफी लाभ हो रहा है.
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