मनरेगा पर शिवराज का बड़ा खुलासाकेंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनरेगा को लेकर कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का “मनरेगा बचाओ संग्राम” असल में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है. बहुत सरल शब्दों में उन्होंने समझाया कि कांग्रेस को इसलिए परेशानी हो रही है, क्योंकि अब मनरेगा में गलत काम करने के रास्ते बंद हो गए हैं. अब पैसा सही जगह और सही लोगों तक पहुंच रहा है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से विकास का विरोध करती आई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गांव से परेशानी है, काम से परेशानी है और राम से भी परेशानी है. यही बातें कांग्रेस की सोच को दिखाती हैं. उनका कहना था कि जब भी गांव, गरीब और मजदूर के लिए अच्छा काम होता है, कांग्रेस उसका विरोध करती है.
मंत्री ने लोकसभा का जिक्र करते हुए कहा कि संसद बातचीत के लिए होती है, शोर-शराबे के लिए नहीं. उन्होंने बताया कि जब वह अपनी बात रखना चाहते थे, तब उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि अगर हिम्मत थी, तो पूरी बात ध्यान से सुननी चाहिए थी. सच से डरकर हंगामा करना सही तरीका नहीं है.
शिवराज सिंह चौहान ने बहुत आसान भाषा में बताया कि पहले मनरेगा में कई गलत काम होते थे. मजदूरों की जगह मशीनों से काम कराया जाता था, लेकिन पैसा मजदूरों के नाम पर निकाल लिया जाता था. कई बार एक ही सड़क को हर साल नई बताकर पैसा लिया गया. यहां तक कि 80 साल के लोगों के नाम मजदूरों की सूची में मिले. ग्राम सभाओं के सोशल ऑडिट में 10 लाख 91 हजार से ज्यादा शिकायतें सामने आईं. इससे साफ होता है कि पहले व्यवस्था में बहुत गड़बड़ी थी.
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर अब तक 8 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. जबकि यूपीए सरकार के समय सिर्फ 2 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए थे. उन्होंने सवाल उठाया कि इतना पैसा खर्च होने के बाद क्या गांवों में पक्की और काम की चीजें बनीं? मोदी सरकार का लक्ष्य है कि खर्च किया गया हर पैसा गांव और मजदूर की जिंदगी बदले.
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नई ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ मनरेगा से कई कदम आगे है. इस योजना में 100 दिन की जगह 125 दिन के काम की कानूनी गारंटी दी गई है. अगर किसी को काम नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा. अगर मजदूरी देने में देर हुई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी. गांव की पंचायत खुद तय करेगी कि कौन सा काम करना है, यानी गांव अपना विकास खुद तय करेगा.
मंत्री ने कहा कि अब सिर्फ मिट्टी खोदने का काम नहीं होगा, बल्कि गांव के लिए जरूरी काम किए जाएंगे. जैसे पानी बचाने के काम, सड़क बनाना, स्कूल और आंगनबाड़ी बनाना, अस्पताल, खेत-तालाब, चेक डैम और आपदा से बचाव के काम. इससे गांव मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे. इसके लिए 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.
उन्होंने बताया कि अब काम खेती के मौसम को देखकर दिया जाएगा. जब खेतों में काम ज्यादा होगा, तब खेती को प्राथमिकता मिलेगी. और जब खेतों में काम कम होगा, तब गांव के विकास के काम दिए जाएंगे. इससे किसान और मजदूर दोनों को फायदा होगा.
अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस को भ्रम फैलाना बंद करना चाहिए और सच को स्वीकार करना चाहिए. यह समय लड़ाई का नहीं, मिलकर काम करने का है. ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ का सपना है-विकसित गांव, स्वावलंबी लोग और मजबूत भारत.
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