भारत‑अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान प्रदर्शन तेज, सीएम आवास के बाहर तीन दिन का महापड़ाव

भारत‑अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान प्रदर्शन तेज, सीएम आवास के बाहर तीन दिन का महापड़ाव

भारत‑अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में हरियाणा के किसान करनाल से कुरुक्षेत्र तक मार्च कर मुख्यमंत्री आवास के बाहर तीन दिन का महापड़ाव करेंगे. किसान नेताओं का कहना है कि यह ट्रेड डील किसानों को नुकसान पहुंचाएगी और खेती पर बुरा असर डालेगी. वहीं, किसान मंडियों में धान घोटाले की सीबीआई जांच की भी मांग कर रहे हैं.

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भारत‑अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान प्रदर्शन तेज, सीएम आवास के बाहर तीन दिन का महापड़ावकरनाल में किसानों का विरोध प्रदर्शन

हरियाणा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी कड़ी में सोमवार को किसानों का एक बड़ा दल करनाल से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुआ जो मुख्यमंत्री आवास के बाहर तीन दिन तक महापड़ाव करेंगे. इसमें नौ संगठनों के किसान भारत-अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील का विरोध करेंगे. किसानों ने कहा कि ट्रेड डील से उन्हें नुकसान होगा और खेती पर बुरा असर पड़ेगा. हरियाणा किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले प्रदेश भर के किसान कुरुक्षेत्र में एकजुट होंगे.

किसान नेता जगदीप औलख ने कहा कि हरियाणा किसान मजदूर मोर्चे के आह्वान पर कुरुक्षेत्र सीएम आवास पर तीन दिन का महापड़ाव रहेगा. इसको लेकर करनाल से भी बड़ी संख्या में किसान रवाना हुए हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ जो भारत की ट्रेड डील हो रही है, उस मुद्दे को लेकर किसानों द्वारा तीन दिन का महापड़ाव रखा गया है. दिन रात का यह पड़ाव रहेगा जिसको लेकर किसान रवाना हुए हैं. 

अमेरिकी टैरिफ अवैध

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध बताया है जिस पर किसान नेताओं ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति धक्काशाही कर रहे हैं. जिस तरह से सरकार ने घुटने टेके हैं यह खतरनाक स्थिति है. औलख ने कहा, हम जो माल अमेरिका भेजेंगे उस पर टैरिफ लगेगा, लेकिन अमेरिका से जो माल आएगा वह फ्री भारत में आएगा. ऐसे कैसे काम चलेगा. उन्होंने कहा, पूरा देश देख रहा है सरकार कैसे किसानों के हितों के साथ समझौता कर रही है. इसको लेकर किसानों में काफी रोष है और किसान अब तीन दिन के पड़ाव के लिए कुरुक्षेत्र में एकजुट होंगे. दिन-रात महापड़ाव रहने वाला है.

किसान नेता बहादुर मेहला ने भी कहा कि भारत-अमेरिका के ट्रेड डील से किसानों को काफी नुकसान होगा. ट्रेड डील के कारण भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा. 

वहीं हरियाणा की कुछ मंडियों में हुए धान घोटाले का भी मामला किसानों ने उठाया और विरोध जताया. किसानों ने कहा कि करनाल के सिवा किसी भी जिले में कोई भी कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है. इस मामले की भी हम सीबीआई जांच की मांग करते हैं. 

धान घोटाले का फर्जीवाड़ा

पूरी साजिश के तहत मंडियों में धान घोटाला गया जिसका पर्दाफाश पुलिस ने किया है. मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर किसानों को पंजीकरण करवाना पड़ता है, जिसके बाद किसानों का समर्थन मूल्य मिलता है. लेकिन कई राइस मिलर्स, आढ़तियों, कमीशन एजेंटों ने पोर्टल में फर्जीवाड़ा कर फर्जी गेट पास काटे. जैसे किसान के पास कम जमीन है, लेकिन ज्यादा दिखाई गई, किसी के पास जमीन नहीं है, फिर भी गेट पास काटे. उन पर कागजों में ही धान खरीदा गया ओर मिलों में भी पहुंचा दिया. इस गैप को पूरा करने के लिए दिल्ली, यूपी सहित अन्य राज्यों से कम रेटों पर धान खरीदा गया ओर उसे स्टॉक में दिखाने का प्रयास किया गया. पुलिस ने धान घोटाले को उजागर किया है, कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है. अलग-अलग केसों में धान की रिकवरी भी हुई है.

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