एमपी के किसानों को बड़ा तोहफामध्य प्रदेश की सरकार ने सरसों किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी की है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में बताया कि अब सरसों की फसल को भी भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा. इस योजना के तहत अगर किसान अपनी फसल बाजार में कम दाम पर बेचते हैं, तो सरकार उन्हें बाकी का पैसा देगी. इससे किसानों को नुकसान नहीं होगा.
भावांतर योजना ऐसी योजना है जिसमें सरकार यह देखती है कि बाजार में फसल कितने दाम पर बिक रही है. अगर बाजार का दाम सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम है, तो सरकार किसान को दोनों के बीच का अंतर दे देती है. अभी यह योजना सोयाबीन किसानों को मिल रही है. अब इसे सरसों किसानों तक बढ़ाने की तैयारी है. सरकार ने इस बारे में केंद्र सरकार को भी प्रस्ताव भेजा है. इससे लगभग 80 लाख किसानों को फायदा हो सकता है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस साल सरसों की खेती पहले से 28% ज्यादा हुई है. अनुमान है कि इस बार 15.71 लाख मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन होगा. अभी बाजार में सरसों का दाम 5,500 से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकार ने 6,200 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य तय किया है. ऐसे में भावांतर योजना किसानों को सही दाम दिलाने में मदद करेगी.
विधानसभा में महेश परमार ने लाड़ली बहना योजना के बारे में सवाल पूछे. उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया से पूछा कि नई महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा. मंत्री ने कहा कि अभी नई रजिस्ट्रेशन की कोई योजना नहीं है.
यह योजना पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी. शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये मिलते थे. बाद में यह राशि बढ़ाकर 1,250 रुपये की गई. अब मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने इसे बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दिया है. इस योजना में 21 से 60 साल की और 2.5 लाख रुपये से कम सालाना आय वाले परिवार की महिलाओं को हर महीने पैसे दिए जाते हैं.
सरकार के अनुसार अभी लगभग 1 करोड़ 25 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं. कुछ महिलाओं का नाम इसलिए कम हुआ क्योंकि कुछ की उम्र 60 साल से ज्यादा हो गई, कुछ की मृत्यु हो गई या कुछ ने खुद योजना छोड़ दी.
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार को साफ बताना चाहिए कि नई रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगी और 3,000 रुपये कब मिलेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कई महिलाएं 21 साल की हो चुकी हैं और इंतजार कर रही हैं. इस मुद्दे पर बहस बढ़ गई और कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे रजिस्ट्रेशन भी शुरू करेगी और 2028 तक हर बहन को 3,000 रुपये देने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि सरकार अपना वादा जरूर पूरा करेगी.
सरसों किसानों के लिए भावांतर योजना एक बड़ी राहत हो सकती है. इससे उन्हें सही दाम मिलेगा और खेती करने का हौसला बढ़ेगा. वहीं लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद मिल रही है. सरकार का कहना है कि दोनों योजनाएं लोगों की मदद के लिए हैं और आगे भी जारी रहेंगी.
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