बुलंदशहर में किसान जागृति यात्रा का जोरदार स्वागतसंयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने 7 फरवरी से एक बड़ी किसान जागृति यात्रा शुरू की है. यह यात्रा देश के सबसे दक्षिणी हिस्से कन्याकुमारी से शुरू होकर कश्मीर तक जाएगी. इस यात्रा का मकसद किसानों को जागरूक करना और उनकी समस्याओं को सबके सामने रखना है. आज यह यात्रा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर पहुंची, जहां किसानों ने इसका गर्मजोशी से स्वागत किया. बुलंदशहर और आसपास के जिलों से बहुत सारे किसान किसान पंचायत में शामिल हुए.
बुलंदशहर के बाद गुलावठी में भगवान बलिदान भूमि पर स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. किसानों ने कहा कि जैसे हमारे देश के वीरों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, वैसे ही आज किसान अपने हक के लिए आवाज उठा रहे हैं. इसके बाद बीबीनगर में किसान संवाद कार्यक्रम हुआ, जहां किसानों की बड़ी बैठक हुई.
बीबीनगर की बैठक में एमएसपी गारंटी कानून और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा की गई. किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी फसल का सही दाम मिलना चाहिए. भारतीय किसान यूनियन लोकहित अराजनीतिक के अध्यक्ष श्री प्रह्लाद पूनिया ने घोषणा की कि उनका संगठन अब संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के साथ मिलकर काम करेगा. इससे किसानों की ताकत और बढ़ेगी.
इस मौके पर किसान नेता श्री जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि खरीफ 2025 में पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश और बाढ़ के कारण लगभग 10 लाख एकड़ में धान की फसल खराब हो गई थी. लेकिन कुछ बिचौलियों ने उत्तर प्रदेश के किसानों से 2,389 रुपये प्रति क्विंटल वाले धान को केवल 1,300 से 1,500 रुपये में खरीद लिया. फिर उसे फर्जी कागजों के जरिए पंजाब और हरियाणा के किसानों के नाम से सरकारी मंडियों में 2,389 रुपये में बेच दिया. इससे उत्तर प्रदेश के किसानों को नुकसान हुआ और पंजाब-हरियाणा के किसानों को भी सही मुआवजा नहीं मिला.
नेताओं ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की गन्ना मिलों में किसानों का बहुत पैसा बाकी है. इसलिए 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली किसान महापंचायत में मांग रखी जाएगी कि गन्ने का FRP मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए. साथ ही, अगर 14 दिन के अंदर भुगतान नहीं होता है, तो किसानों को 15 प्रतिशत ब्याज दिया जाए, जैसा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है.
भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम के अध्यक्ष श्री आनंद चौधरी ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रद्द करवाने और MSP गारंटी कानून लागू करवाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से 10,000 से ज्यादा किसान 19 मार्च को दिल्ली की महापंचायत में पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि किसान एकजुट होकर अपनी मांग सरकार के सामने रखेंगे.
किसान जागृति यात्रा 26 फरवरी को मेरठ और 27 फरवरी को बागपत पहुंचेगी. उसी दिन शाम को यह हरियाणा के पानीपत जिले में प्रवेश करेगी. इस यात्रा में कई किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान शामिल हो रहे हैं.
आज के कार्यक्रम में कई किसान नेता मौजूद रहे. सभी ने मिलकर कहा कि किसान एकजुट रहेंगे और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहेंगे. उनका कहना है कि जब तक किसानों को सही दाम और समय पर भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य यही है कि देश का किसान मजबूत बने और उसे उसका हक मिले.
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