किसानों के नाम पर 23 करोड़ की धोखाधड़ीमहाराष्ट्र के जालना जिले में जालना मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक से करीब 23 करोड़ 33 लाख रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सूत्रधार रायचंद सखाराम कुरंगल और उसका सहयोगी निलेश्वर शेषराव भोसले शामिल हैं. अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया है. बताया जा रहा है कि पंचमुखी वेयरहाउस के संचालक रायचंद कुरंगल ने जालना मर्चेंट बैंक के साथ समझौता किया था. इस समझौते के तहत किसानों द्वारा जमा किए गए अनाज और कृषि माल की रसीदें जारी की जाती थीं.
बताया जा रहा है कि इन्हीं रसीदों के आधार पर बैंक की जालना न्यू मार्केट यार्ड, भोकरदन, अंबड, देऊलगांव राजा, गेवराई और मंठा शाखाओं से किसानों के नाम पर कर्ज वितरित किया गया. जांच में सामने आया कि कुल 177 खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये का कर्ज लिया गया, जिनमें से 133 खाते बकायेदार निकले. जब बैंक ने बकाया वसूली के लिए गिरवी रखे माल की नीलामी प्रक्रिया शुरू की, तब वेयरहाउस संचालकों ने अड़चनें पैदा कीं.
बैंक अधिकारियों ने जब गोदाम में रखे माल का निरीक्षण करना चाहा, तो आरोपियों ने लगातार टालमटोल की. बाद में पता चला कि किसानों के नाम पर दिखाया गया माल गोदाम में मौजूद ही नहीं था. बैंक महाप्रबंधक की शिकायत पर चंदनझीरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू की. गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुख्य आरोपी रायचंद कुरंगल को अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा इलाके से गिरफ्तार किया गया.
अदालत ने आरोपियों को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है. वहीं, पूछताछ के दौरान सामने आए दूसरे आरोपी निलेश्वर शेषराव भोसले को भी जालना से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया. अदालत ने निलेश्वर शेषराव को 7 दिन की पुलिस कस्टडी दी है. पुलिस का कहना है कि यह घोटाला बड़े स्तर पर किया गया है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है. आर्थिक अपराध शाखा अब बैंक घोटाले के पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है. (गौरव विजय साली की रिपोर्ट)
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