योगी सरकार की कैबिनेट से मंजूरी के बाद एमओयू का रास्ता हुआ साफसड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले पशुओं के बेहतर उपचार और देखभाल के लिए झांसी में पशु चिकित्सालय के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यूपी सरकार की कैबिनेट मीटिंग में बुधवार को मिली मंजूरी के बाद अब पशुपालन विभाग के साथ दया भावना फाउंडेशन नाम की गैर सरकारी संस्था का एमओयू किया जाएगा. दया भावना फाउंडेशन इस पशु चिकित्सालय का निर्माण, पशु आश्रय स्थल का निर्माण और संचालन का काम करेगी.
पशुपालन विभाग के झांसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. अरविंद सागर ने बताया कि झांसी जिले के मोठ तहसील के ग्राम सभा बम्हरौली में पशुपालन विभाग की पांच एकड़ जमीन पर पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण किया जाएगा. दया भावना फाउंडेशन सोनागिरी की झांसी शाखा पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल का निर्माण करेगी. उन्होंने बताया कि इसमें पशुओं के उपचार के साथ ही उनके आश्रय की व्यवस्था रहेगी और चारे के उत्पादन आदि की गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी. सारी गतिविधियां फाउंडेशन की ओर से की जाएंगी और जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग का रहेगा.
झांसी मंडल के अपर निदेशक डॉ. अरविंद सागर के मुताबिक, कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब गैर सरकारी संस्था के साथ एमओयू किया जाएगा. निराश्रित, बीमार और दुर्घटना का शिकार होने वाले पशुओं को संरक्षण देने में इससे काफी मदद मिलेगी. इस जमीन का स्वामित्व पशुपालन विभाग के पास रहेगा जबकि पशु चिकित्सालय और आश्रय स्थल के निर्माण और संचालन का काम संस्था करेगी.
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में गो तस्करी की घटनाएं आम थीं, लेकिन योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई कर उन्हें पूरी तरह बंद कर दिया गया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोसंरक्षण के क्षेत्र में जितना व्यापक और संगठित काम किया गया, उतना पहले कभी नहीं हुआ. यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश गोसंरक्षण के लिए सबसे ज्यादा काम करने वाला देश का पहला राज्य बनकर उभरा है.
ये भी पढ़ें-
मॉनसून की एंट्री के साथ कई राज्यों में बदला मौसम, 5 जून को कैसा रहेगा हाल? पढ़ें IMD का ताजा अपडेट
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ SKM गैर राजनीतिक का प्रदर्शन, डेयरी सेक्टर को लेकर कही बड़ी बात
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today