चीनी उत्पादन 3.6 प्रतिशत गिरने का अनुमान, गन्ने में लगा ये रोग है इसका कारण!

चीनी उत्पादन 3.6 प्रतिशत गिरने का अनुमान, गन्ने में लगा ये रोग है इसका कारण!

AISTA के अनुसार, वर्ष 2022-23 में महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष के 13.7 मिलियन टन के मुकाबले 12.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है. वही देश के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष के 10.2 मिलियन टन के मुकाबले 10.5 मिलियन टन रहने का अनुमान है.

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चीनी उत्पादन 3.6 प्रतिशत गिरने का अनुमान, गन्ने में लगा ये रोग है इसका कारण!चीनी उत्पादन 3.6 प्रतिशत गिरने का अनुमान (सांकेतिक तस्वीर)

उद्योग संगठन ऑल इंडिया शुगर ट्रेडर्स एसोसिएशन (AISTA) ने शुक्रवार को यह बताया कि वर्ष 2022-23 के विपणन सत्र में देश का चीनी उत्पादन 34.5 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जो साल भर पहले की अवधि की तुलना में 35.8 मिलियन टन के उत्पादन से 3.63% कम है. AISTA के अनुसार, वर्ष 2022-23 में महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष के 13.7 मिलियन टन के मुकाबले 12.4 मिलियन टन रहने का अनुमान है. वही देश के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन पिछले वर्ष के 10.2 मिलियन टन के मुकाबले 10.5 मिलियन टन रहने का अनुमान है.

उत्पादन में गिरावट के अनुमान के कारण AISTA को उम्मीद है कि 2021-22 में 1.12 करोड़ टन की तुलना में इस सत्र में निर्यात लगभग 70 लाख टन कम रहेगा। वही एआईएसटीए की फसल समिति ने कहा ने कहा है कि गन्ने कि फसल में लाल सड़न रोग होने के कारण पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में फसल की उपज कम है.

गन्ना में रेड रॉट यानी लाल सड़न रोग

गन्ने में लगने वाला रेड रॉट यानी लाल सड़न रोग एक बीज और भूमि जनित रोग है. गन्ने की फसल में यह रोग जुलाई से लगना शुरू होता है और फसल के अंत तक रहता है. वही जब किसान एक ही प्रजाति का गन्ना खेत में बार-बार बोते हैं, तो इस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है. अगर लक्षण की बात करें तो शुरुआती दौर में तीसरी और चौथी पत्ती किनारे से सूखने लगती है. साथ ही पत्तियों की मध्यशिरा पर लाल धब्बे दिखाई देते हैं. धीरे-धीरे गन्ने का पूरा अगोला सूख जाता है और गन्ने का गूदा लाल रंग का दिखाई देने लगता है.

चीनी उत्पादन में भारत का योगदान 

चीनी के क्षेत्र में भारत दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक देश है. देश में वार्षिक उत्पादन 1,40,000 करोड़ है। इसकी खेती देश के 5 लाख से अधिक किसान करते हैं. साथ ही 5 लाख से अधिक मजदूर भी इससे लाभान्वित होते हैं. वही कई राज्यों के किसानों के लिए आमदनी का प्रमुख स्त्रोत गन्ना ही है.  

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