मौजूदा वक्त में किसान आधुनिक तरीके से हर मौसम में खेती कर रहे हैं और बेहतर कमाई कर रहे हैं. रबी फसलों की कटाई के बाद किसान खेतों में गरमा फसल की खेती करते हैं और इस दौरान मूंग, उड़द, सूर्यमुखी, जूट, तिल, संकर मक्का सहित अन्य गरमा बीज की जरूरत होती है. वहीं बिहार सरकार किसानों को उनके घर तक बीज पहुंचाने की योजना बना रही है. इसके लिए 15 फरवरी से पांच मार्च तक विशेष अभियान चलाया जाएगा. सरकार द्वारा कुछ साल से किसानों के यहां होम डिलीवरी के जरिये बीज पहुंचाया जा रहा है.
बता दें कि गरमा फसल के बीज के लिए किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगा गया है. 15 फरवरी तक किसान बीज के लिए आवेदन कर सकते हैं. वहीं किसानों के बीच 15 फरवरी से बीज वितरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. इसके साथ ही किसान जिला एवं प्रखंड कृषि विभाग में जाकर बीज ले सकते हैं.
राज्य के किसानों को गरमा बीज पहुंचाने के लिए सरकार 15 फरवरी से विशेष अभियान चलाने जा रही है. वहीं कृषि विभाग के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में कम से कम 40 प्रतिशत बीज होम डिलीवरी करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत किसानों के घर तक 15 फरवरी से 5 मार्च के बीच तक बीज पहुंचाने का काम किया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कृषि विभाग पिछले तीन साल से बीज का होम डिलीवरी कर रहा है. वहीं बिहार राज्य बीज वितरण निगम द्वारा बीज वितरकों और बीज विक्रेताओं के तक बीज पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है.
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राज्य के कृषि विभाग द्वारा गरमा बीज वितरण का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है. कृषि विभाग की आधिकारिक सोशल मीडिया एकाउंट से जारी एक खबर के आंकड़ों के अनुसार सरकार द्वारा विभिन्न बीजों के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. इनमें मूंग 20152 क्विंटल, उड़द 608 क्विंटल, सूर्यमुखी 123 क्विंटल, तिल 150 क्विंटल और संकर मक्का 1125 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह सभी बीज राज्य के विभिन्न जिलों में मांग के अनुसार वितरण किया जाएगा. वहीं सूर्यमुखी बीज वितरण का लक्ष्य कुछ जिलों में ही किया जाएगा. वहीं कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बीज के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कृषि विभाग की जमीन को बीज उत्पादन कंपनी को किराये पर देने की योजना बना रही हैं. आपकी बता दें कि रबी सीजन 2022 में सरकार ने करीब दो लाख 44 हजार के आसपास किसानों के घर तक करीब साढ़े 88 हजार क्विंटल तक बीज पहुंचाया गया था.
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जो किसान अभी तक गरमा फसलों के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन बीज के लिए आवेदन नहीं किए हैं. वह जल्द से जल्द आवेदन कर लें, क्योंकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 15 फरवरी निर्धारित किया गया है. इसके लिए किसान बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. गरमा फसल की खेती मई-जून में की जाती है और जुलाई-अगस्त में फसल की कटाई कर ली जाती है.
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