धान बेचने के लिए ठंड में खुले आसमान के नीचे सो रहे किसान, इस सरकार पर बड़े आरोप

धान बेचने के लिए ठंड में खुले आसमान के नीचे सो रहे किसान, इस सरकार पर बड़े आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर किसानों को "धोखा देने" का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि राज्य के किसानों को सरकारी मंडियों में अपना धान बेचने के लिए सर्दियों में खुले आसमान के नीचे रातें बिताने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

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धान बेचने के लिए ठंड में खुले आसमान के नीचे सो रहे किसान, इस सरकार पर बड़े आरोपधान बेचने के लिए किसान परेशान

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक ने ओडिशा सरकार पर किसानों को "धोखा देने" का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि राज्य के किसानों को सरकारी मंडियों में अपना धान बेचने के लिए सर्दियों में खुले आसमान के नीचे रातें बिताने के लिए मजबूर किया जा रहा है. दरअसल, शनिवार को सोशल मीडिया पर नवीन पटनायक ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में धान खरीद की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे किसान सरकार की वजह से शोषित, लाचार और निराश हैं. कड़ाके की ठंड में किसान अपनी मेहनत से उगाए गए धान की रखवाली करते हुए मंडियों में रातें बिता रहे हैं.

किसानों का धान कब खरीदेगी सरकार?

यह कहते हुए कि किसान अब राष्ट्रीय राजमार्गों पर धान की सुचारू खरीद की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पटनाइक ने पूछा कि सरकार आखिर किसानों का धान कब खरीदेगी? उन्होंने "नो PUC, नो फ्यूल" नीति के कारण लोगों की परेशानियों के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराने के एक दिन बाद ये आरोप लगाए, जिसे उन्होंने "नीति में उलटफेर" बताया.

नवीन पटनायक ने सरकार पर लगाया आरोप

पटनायक ने आरोप लगाया कि राज्य की BJP सरकार पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) नियमों को लागू करने में पूरी तरह "विफल" रही है. उन्होंने कहा कि BJP की डबल-इंजन सरकार किसानों से कई वादे करके सत्ता में आई थी. लेकिन सत्ता में आने के बाद, क्या वे सभी वादे हवा हो गए? धान खरीद पर बोनस की घोषणा से लेकर किसानों को सपने दिखाने तक, सरकार ने हर कदम पर किसानों को निराश किया है.

धान बेचने में किसानों को हो रही परेशानी

नवीन पटनायक ने आरोप लगाया कि BJP सरकार के किसानों का सम्मान करने के आश्वासन "झूठे" वादे साबित हुए हैं. उन्होंने कहा कि सम्मान के बदले, किसान हर मोड़ पर पूरी तरह से अपमानित और शोषित महसूस कर रहे हैं.  किसान इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे अपनी मेहनत से उगाया हुआ धान नहीं बेच पा रहे हैं, तो यह सरकार उन्हें 'परेशानी पैदा करने वाला' कहती है. क्या डबल-इंजन सरकार का किसानों का सम्मान करने का यही मतलब है? (PTI)

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