हरियाणा में बढ़ा गन्ने का दामहरियाणा सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए अगले दो वर्षों में गन्ने के भाव में कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.
कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार के फैसले के तहत पेराई सत्र 2026-27 में गन्ने का भाव मौजूदा 415 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 430 रुपये प्रति क्विंटल किया जाएगा. इसके बाद पेराई सत्र 2027-28 में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 450 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया जाएगा. इस प्रकार दो वर्षों में किसानों को कुल 35 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मूल्य का लाभ मिलेगा.
उन्होंने कहा कि गन्ना हरियाणा की प्रमुख नकदी फसलों में से एक है और प्रदेश के हजारों किसान परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है. ऐसे में गन्ने के भाव में वृद्धि से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और खेती में लगने वाली लागत को पूरा करने में मदद मिलेगी. बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, कृषि मजदूरी और अन्य खर्चों का बोझ कम करने में भी यह निर्णय सहायक साबित होगा.
सरकारी आकलन के अनुसार, गन्ने के दाम बढ़ने से किसानों की आय में प्रति एकड़ प्रति पेराई सत्र लगभग 10,000 से 11,300 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें खेती में पैसा लगाने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे.
श्याम सिंह राणा ने कहा कि गन्ने के भाव में चरणबद्ध बढ़ोतरी से किसानों का इस फसल के प्रति भरोसा और मजबूत होगा. साथ ही, प्रदेश की चीनी मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी. इससे चीनी उद्योग और किसानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और पेराई सत्र का संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और खेती की बढ़ती लागत का बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है.
कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं, जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और कृषि अवसंरचना विकास कार्यक्रमों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
राणा ने विश्वास जताया कि गन्ने के भाव में यह बढ़ोतरी किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने के साथ-साथ प्रदेश में गन्ना उत्पादन को भी बढ़ावा देगी. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल दिलाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
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