Ethanol Waste: पोल्ट्री फार्म के लिए फीड बन सकता है इथेनॉल से निकला कचरा, करना होगा ये काम 

Ethanol Waste: पोल्ट्री फार्म के लिए फीड बन सकता है इथेनॉल से निकला कचरा, करना होगा ये काम 

Ethanol Waste पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई), यूपी डिस्टिलर्स एसोसिएशन और यूएस ग्रेन काउंसिल पोल्ट्री फीड से जुड़ी परेशानियों को खत्म करने के लिए कई बार पहल कर चुके हैं. चर्चा इस बात पर हो रही है कि इथेनॉल प्लांट से निकलने वाले मक्का का वेस्ट भी पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन इसके लिए मानक तय करने होंगे. गौरतलब रहे इस वेस्ट को डीडीजीएस (Distillers Dried Grains with Solubles) के नाम से जाना जाता है. 

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पोल्ट्री सेक्टर लगातार फीड के संबंध में आवाज उठा रहा है. फीड के रेट और बाजार में उपलब्धता को लेकर आ रहीं परेशानियां गिनाई जा रही हैं. सड़क से लेकर मंत्रालया तक में आवाज उठाई जा रही है. डेयरी-पशुपालन मंत्रालय हो या कृषि‍, पोल्ट्री फीड हर जगह इसी की चर्चा है. इस दौरान पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पोल्ट्री फीड के लिए कोई रास्ता नहीं निकाला गया तो पोल्ट्री प्रोडक्ट महंगे हो सकते हैं या फार्म बंद भी हो सकते हैं. इसी दौरान पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) के प्रेसिडेंट का भी एक बड़ा बयान आया है. 

उनका कहना है कि इथेनॉल प्लांट का वेस्ट पोल्ट्री फीड में शामिल हो तो सकता है, लेकिन मुर्गियों की हैल्थ और अंडे-चिकन की क्वालिटी को बनाए रखने के लिए कुछ मानकों को पूरा करना होगा. अगर मानक पूरे नहीं किए जाते हैं तो इसका नुकसान पोल्ट्री फार्मर को उठाना पड़ सकता है. गौरतलब रहे इथेनॉल प्लांट से मक्का की परेशानी का हल तलाशा जा रहा है. इसी के चलते पोल्ट्री सेक्टर इस बारे में कई मीटिंग भी कर चुका है. 

इथेनॉल वेस्ट ऐसे बनेगा पोल्ट्री फीड 

पीएफआई के प्रेसिडेंट रनपाल डाहंडा का कहना है कि मक्का पोल्ट्री फीड का अहम हिस्सा है. अगर डीडीजीएस को पोल्ट्री फीड में शामिल किया जाता है तो उसके लिए कुछ मानक है. उन मानक को पूरा करने पर ही इसका इस्तेमाल करने से फायदा होगा. जैसे एफ्लाटॉक्सिन का लेवल 20 पीपीबी से कम होना चाहिए. वहीं नमी का लेवल भी 12 से कम ही होना चाहिए. अगर ये मानक पूरे किए जाते हैं तो फिर डीडीजीएस को इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं है. क्योंकि पोल्ट्री प्रोडक्ट अंडे-चिकन की क्वालिटी को बनाए रखना भी हमारा ही काम है. 

इथेनॉल प्लांट का दौरा कर सकते हैं फार्मर

बैठक में यूपी डिस्टिलर्स एसोसिएशन के महासचिव रजनीश अग्रवाल भी शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने अपनी बात रखने के साथ ही पीएफआई टीम को इथेनॉल बनाने वाले प्लांट का दौरा करने का निमंत्रण भी दिया. साथ ही पीएफआई के सुझावों की सराहना भी की. आखि‍र में ये भी तय हुआ कि अगर डीडीजीएस निर्माता लगातार गुणवत्ता प्रदान करते हैं और उसे बनाए रखते हैं तो पोल्ट्री फीड में डीडीजीएस के इस्तेमाल की गुंजाइश बाकी है.

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