उत्तराखंड किसान आत्महत्या मामला: पुलिस कार्रवाई के बाद किसानों की मांगें मानी, चौकी सस्पेंड, एक करोड़ की रिकवरी

उत्तराखंड किसान आत्महत्या मामला: पुलिस कार्रवाई के बाद किसानों की मांगें मानी, चौकी सस्पेंड, एक करोड़ की रिकवरी

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद प्रशासन हरकत में आया है. किसानों के विरोध के बाद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया, पैगा चौकी सस्पेंड हुई और मृतक परिवार को 4 करोड़ में से एक करोड़ रुपये की रिकवरी कर सौंपी गई. बाकी रकम 19 तारीख से पहले देने का आश्वासन दिया गया है.

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उत्तराखंड आत्महत्या मामला: किसानों की सभी मांगें मानी, चौकी सस्पेंड, एक करोड़ की रिकवरीऊधम सिंह नगर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में पुलिस से नाराज होकर एक किसान की आत्महत्या मामले में शासन और प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही की है. मामले के बाद विरोध प्रदर्शन को देखते हुए किसानों की दो मांगों को मान लिया गया है. किसानों की मांग है कि सभी आरोपी लोगों पर मुकदमा हो, पैगा चौकी को सस्पेंड किया जाए और आईटीआई थाना इंचार्ज को लाइन हाजिर किया जाए. प्रशासन ने इन सभी मांगों को तत्काल मान लिया है. मृतक किसान की गंवाई गई 4 करोड़ में से एक करोड़ की रिकवरी के बाद उसके परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया. वहीं किसान नेता ने कड़ी चेतवनी दी है कि यदि उनके भोग से पहले पूरी कार्यवाही नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे.

क्या है पूरा मामला

जनपद उधम सिंह नगर के काशीपुर कोतवाली क्षेत्र के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने हल्द्वानी एक निजी होटल में अपने गोली मारकर आत्महत्या कर ली. उससे पहले मृतक द्वारा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर कुछ लोगों ओर पुलिस पर आरोप लगाए थे कि उनके साथ जमीन को लेकर 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है. इसे देखते हुए वे पुलिस के पास प्रार्थना पत्र लेकर गए थे, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की. 

मृतक किसान का पार्थिव शरीर उसके गांव पहुंच जाने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था. स्थानीय जन प्रतिनिधि भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे ओर परिवार से बातचीत के बाद एक बयान जारी किया. किसानों ने सरकार से कार्यवाही की मांग की. इसके बाद प्रसाशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया. साथ ही पैगा चौकी के समस्त स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया.

आत्महत्या का वीडियो वायरल

बीते दिन काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह ने काठगोदाम में एक निजी होटल के कमरे में माफियाओं और पुलिस से परेशान होकर खुद को गोली माल ली थी. किसान सुखवंत ने आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो में घटना की पूरी जानकारी दी और वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. इसके बाद मामला भड़क गया और उत्तराखंड के साथ पूरे देश में इस पर चर्चा शुरू हो गई.

मामला गंभीर होता देख प्रशासन ने कार्रवाई की और किसानों की सभी मांगों को मान लिया. आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही पैगा चौकी को सस्पेंड कर दिया गया और परिवार को 25 प्रतिशत यानी लगभग 1 करोड़ रुपये की धनराशि रिकवर कर सुपुर्द कर दी गई है. प्रशासन की कार्यवाही के बाद पीड़ित परिवार संतुष्ट नजर आया और उसके बाद आज किसान सुखवंत सिंह का उनके गांव में दाह संस्कार कर दिया गया.

खुदकुशी पर राजनीति शुरू

भारतीय किसान यूनियन के युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि इस मामले में गंवाई गई 2 करोड़ 80 लाख रुपये की रकम 19 तारीख को भोग से पहले देने का वादा किया गया है. अगर प्रशासन मांग पूरी नहीं करता है तो सारे हाइवे जाम करेंगे. पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर भरोसा किया है, इसलिए यह भरोसा टूटना नहीं चाहिए.

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने पुलिस प्रसाशन को सवालों के घेरे में लेते हुए कहा कि उत्तराखंड में क्राइम का ग्राफ बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि अपराधियों के साथ पुलिस की गुडविल होने के चलते क्राइम का ग्राफ बढ़ रहा है. मृतक ने आत्महत्या करने से पहले वीडियो में जिन जिन अधिकारियों के नाम लिए हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए, चाहे वे कितना भी बड़े अधिकारी हों.

पीड़ित परिवार को कार्रवाई का भरोसा

काशीपुर के अपर पुलिस अधीक्षक स्वपन किशोर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों से बातचीत की गई है और उन्हें आश्वस्त किया गया है. कुमाऊं कमिश्नर को जांच सौंपी गई है और संबंधित चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है. मृतक के परिजनों ने तहरीर दी है, उसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है.

मृतक के भाई पिंदा सिंह ने बताया कि उनके बड़े भाई पूरे परिवार के साथ नैनीताल गए थे. वहां वे पूरे परिवार के साथ सुसाइड करना चाहते थे, लेकिन भाभी और बच्चा बच गया. प्रसाशन ने लगभग 1 करोड़ रुपये रिकवर कर परिजनों को सौंप दिया है. पिंदा सिंह ने मांग की है कि वीडियो में जो जो नाम सामने आए हैं, सभी के खिलाफ कार्यवाही हो. साथ ही बची हुई धनराशि 19 तारीख के भोग से पहले परिवार को सौंप दी जाए, वरना बड़ा आंदोलन होगा.(रमेश चंद्र का इनपुट)

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