एक साल बाद फिर होगी बातचीत, किसानों और SC की हाई-पावर्ड कमेटी की चंडीगढ़ में बैठक आज

एक साल बाद फिर होगी बातचीत, किसानों और SC की हाई-पावर्ड कमेटी की चंडीगढ़ में बैठक आज

लगभग एक साल के अंतराल के बाद किसानों और सुप्रीम कोर्ट की हाई-पावर्ड कमेटी के बीच बातचीत फिर शुरू होगी. SKM (नॉन-पॉलिटिकल) का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में MSP की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और अन्य किसान मुद्दों पर चर्चा करेगा.

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एक साल बाद फिर होगी बातचीत, किसानों और SC की हाई-पावर्ड कमेटी की चंडीगढ़ में बैठक आजपंजाब में किसानों का विरोध प्रदर्शन

लगभग एक साल तक सस्पेंड रहने के बाद, किसानों और सुप्रीम कोर्ट की हाई-पावर्ड कमेटी के बीच बातचीत शुक्रवार को चंडीगढ़ में फिर से शुरू होगी. संयुक्त किसान मोर्चा (SKM, नॉन-पॉलिटिकल) का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पैनल से मिलेगा. शंभू और खनौरी बॉर्डर से प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद से 20 मार्च, 2025 से प्रदर्शनकारी किसानों और कमेटी के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है.

कमेटी में ये सदस्य हैं शामिल

6 जनवरी, 2025 को कमेटी के सदस्यों ने किसान नेता जगजीत डल्लेवाल से मुलाकात की थी, जो उस समय भूख हड़ताल पर थे. जस्टिस नवाब सिंह (रिटायर्ड) की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड कमेटी का गठन बातचीत को आसान बनाने, विरोध प्रदर्शन को राजनीति से दूर रखने और किसानों की शिकायतों के संभावित समाधान सुझाने के लिए किया गया था.

अन्य सदस्य हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक पीएस संधू, कृषि अर्थशास्त्री देवेंद्र शर्मा और GNDU, अमृतसर में प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस रंजीत सिंह घुमन हैं. सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति बलदेव राज कंबोज विशेष आमंत्रित सदस्य हैं.

MSP पर कानूनी गारंटी कब?

इस मीटिंग की पुष्टि करते हुए, SKM (नॉन-पॉलिटिकल) के नेता काका कोटड़ा ने 'दि ट्रिब्यून' से कहा कि प्रतिनिधिमंडल यह स्पष्टीकरण मांगेगा कि MSP पर कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने वाले कानूनों या नीतियों को बनाने और अन्य खेती-बाड़ी की चिंताओं को दूर करने की दिशा में कोई प्रगति हुई है या नहीं.

कोटड़ा ने कहा, "कमेटी से मिलने के अलावा, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित अलग-अलग राज्यों का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कृषि, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष सांसद चरणजीत चन्नी से भी मिलेगा."

उन्होंने आगे कहा, "कमेटी ने हाल ही में MSP के लिए कानूनी गारंटी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए अन्य उपायों की सिफारिश की थी. हम रिपोर्ट की स्थिति के बारे में पूछेंगे. चर्चा के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी."

डल्लेवाल का सरकार पर आरोप

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर आरोप लगाया था कि किसानों से बातचीत के मुद्दे पर टालमटोल का रवैया अपनाया जा रहा है. डल्लेवाल ने कहा कि पिछले साल सरकार से वार्ता चल रही थी और सरकार ने लिखित में आश्वासन दिया था कि 10 दिन बाद फिर से दोनों पक्षों की बैठक होगी. लेकिन अभी तक सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने वार्ता की इच्छा नहीं जताई है.

पिछले साल डल्लेवाल 130 दिनों तक अनशन पर बैठे थे. एमएसपी की लीगल गारंटी, किसानों की कर्जमाफी और स्वामीनाथ आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग करते हुए उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर भूख हड़ताल की थी. इस बीच सरकार से कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन बाद में वार्ता तब बेपटरी हो गई जब पंजाब पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को जबरन खत्म कर दिया. तब से किसान संगठन और केंद्र सरकार के बीच बातचीत रुकी हुई है.

मामला सुलझाएगी SC की कमेटी

इसी दरम्यान सुप्रीम कोर्ट ने एक हाई लेवल कमेटी बनाई थी ताकि किसानों की बात को सुनते हुए कुछ बीच का रास्ता निकालाय जाए ताकि धरना प्रदर्शन से आम लोगों को परेशानी न हो. किसानों का दल हाईवे पर धरने पर बैठ गया था जिससे ट्रैफिक में भारी परेशानी आई थी. आसपास का बिजनेस भी प्रभावित हुआ था जिसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाई लेवल कमेटी बनाई और किसानों से बातचीत करने का निर्देश दिया.

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