Malta Mission: उत्तराखंड के किसानों के लिए खुशखबरी, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुरू किया ‘माल्टा मिशन’

Malta Mission: उत्तराखंड के किसानों के लिए खुशखबरी, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुरू किया ‘माल्टा मिशन’

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ीकांट में उत्तराखंड माल्टा फेस्टिवल का शुभारंभ किया और किसानों के लिए ‘माल्टा मिशन’ की घोषणा की. इस पहल से राज्य में माल्टा और अन्य फलों की खेती बढ़ेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और उत्तराखंड के फलों को बड़े बाजार में पहचान मिलेगी.

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Malta Mission: उत्तराखंड के किसानों के लिए खुशखबरी, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुरू किया ‘माल्टा मिशन’माल्टा मिशन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गढ़ीकांट के राजकीय उद्यान सर्किट हाउस में उत्तराखंड माल्टा फेस्टिवल का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने ‘माल्टा मिशन’ की भी घोषणा की, जिसका मकसद राज्य में माल्टा और अन्य साइट्रस फलों की खेती को बढ़ावा देना है. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार दिल्ली में भी माल्टा फेस्टिवल आयोजित करेगी, ताकि राज्य के फलों की पहचान बढ़े और किसानों के लिए नए बाजार बन सकें. इसका उद्देश्य किसानों के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाना और राज्य की कृषि को मजबूत बनाना है.

फलों की प्रदर्शनी और नई तकनीक

फेस्टिवल में मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी गीता पुष्कर धामी ने माल्टा और नींबू की अलग-अलग किस्मों की प्रदर्शनी का दौरा किया. यहां माल्टा और नींबू से बने उत्पादों को भी दिखाया गया. यह प्रदर्शनी दर्शकों को फलों के उपयोग और खेती की नई तकनीकों के बारे में जानकारी देती है.

माल्टा और उत्तराखंड की पहचान

धामी ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान और परंपरा से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि फलों की खेती राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती है. उन्होंने एप्पल मिशन और कीवी मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि माल्टा मिशन भी इसी तरह किसानों को सहारा देगा और खेती बढ़ाएगा.

किसानों के लिए नई योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने किसानों की मदद और फलों के ब्रांडिंग के लिए कई कदम उठाए हैं. जिला स्तर पर माल्टा फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं और दिल्ली में इसका आयोजन करके नए खरीदारों से संपर्क बनाया जाएगा.

सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्नत खेती, नई तकनीक और प्रोत्साहन दे रही है. उन्होंने कहा कि स्थानीय और hill-friendly फसलें उगाकर लोगों को अपने घर के पास रोजगार मिलेगा और पहाड़ी इलाकों से पलायन कम होगा.

फलों की खेती और सहायता

जानकारी के अनुसार राज्य में माल्टा, एप्पल, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और अन्य साइट्रस फलों के बागानों का विस्तार किया जा रहा है. सरकार ने माल्टा और गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी तय किया है.

फसलों के लिए दी जाने वाली सुविधाओं में शामिल हैं:

  • बागान लगाने के लिए 50% तक सहायता
  • सूक्ष्म सिंचाई (micro-irrigation) पर 70% से 80% तक मदद
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट पर 60% तक सब्सिडी

इसके अलावा सेलकुई में सुगंधित पौधों के लिए केंद्र भी बनाया गया है. इसे “महाक क्रांति” पहल कहा गया है.

किसानों के उदाहरण

फेस्टिवल में मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल के किसान हरीश का उदाहरण दिया. हरीश ने लगभग 53 किस्मों के 1,000 पौधे लगाए हैं और वह 200 और पौधे लगाने की योजना बना रहे हैं. धामी ने अन्य किसानों को भी इस तरह की पहल करने के लिए प्रेरित किया.

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्थानीय फलों की उत्पादन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग से किसानों को सीधे लाभ मिलेगा. ऐसे फेस्टिवल से किसान बाजार से जुड़ते हैं और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ते हैं.

राज्य में फलों की खेती को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड फलों की खेती में अपनी स्थिति मजबूत करेगा. राज्य सरकार नई तकनीक, प्रोत्साहन और बाजार से जुड़े कदम उठाकर किसानों की मदद कर रही है.

फेस्टिवल में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, कृषि सचिव डॉ. एस.एन. पांडे और कई जिले के किसान मौजूद थे. उत्तराखंड माल्टा फेस्टिवल और माल्टा मिशन से राज्य के किसानों को नई दिशा मिलेगी. इससे फलों की खेती बढ़ेगी, किसानों की आय बढ़ेगी और उत्तराखंड का माल्टा और अन्य फलों का ब्रांड देश-विदेश में पहचान पाएगा.

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